गुरुग्राम: 03 फरवरी 2026
▪️दिनांक 31.01.2026 को पुलिस थाना साईबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम की पुलिस टीम को तकनीकी विश्लेषण के दौरान 01 संदिग्ध मोबाईल नंबर जो व्हाट्सऐप के माध्यम से अपने आप को कम्पनी का डायरेक्टर बताकर कंपनी के कर्मचारियों को विश्वास में लेकर धोखाधड़ी से रूपये ट्रांसफर करा लेना ज्ञात हुआ। पुलिस टीम द्वारा पुलिस तकनीकी की सहायता से एस.-ब्लॉक नाथूरपुर, गुरुग्राम पहुंची, जहां उपरोक्त मोबाइल नंबर का प्रयोगकर्ता उसके एक अन्य साथी के साथ पुलिस टीम द्वारा काबू किया गया, जिनकी पहचान OJO UYIOSA R/O BENIN CITY, NEGERIYA व 2. JAMES R/O NEGERIYA के रूप में हुई।
▪️पुलिस टीम द्वारा एकत्रित किए गए साक्ष्यों व नाईजीरिया मूल के उपरोक्त व्यक्तियों से पुलिस पूछताछ में इनके द्वारा कम्पनी का फर्जी डायरेक्टर बनकर साईबर ठगी करने की वारदातों को अंजाम देना पाए जाने पर इनके खिलाफ थाना साईबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया तथा उक्त दोनों नाइजीरियन आरोपियों को दिनांक 31.01.2026 को नाथुपुर, गुरुग्राम से अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम द्वारा अभियोग में आगामी कार्यवाही के लिए आरोपियों को दिनांक 01.02.2026 को माननीय अदालत में पेश करके 03 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।
▪️आरोपियों से पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपी UYIOSA वर्ष-2014 में स्टूडेंट्स वीजा पर भारत आया था व आरोपी जेम्स वर्ष-2023 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। इस तथा इसके अन्य नाइजीरियन साथी मिलकर फर्जी कंपनी का डायरेक्टर बनकर कर्मचारियों को विश्वास में लेते है और उनसे रुपए ट्रांसफर करके ठगी कर लेते है, फिर ठगी गई धनराशि को ये आपस में बांट लेते है।
▪️पुलिस द्वारा आरोपियों से की गई पूछताछ व तकनीकी विश्लेषण में आरोपियों द्वारा लगभग 10 लाख की ठगी करके बंधन बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किया जाना पाया गया तथा उस बंधन बैंक खाते पर साईबर ठगी की 02 शिकायतें भी दर्ज होना पाई गई।
▪️आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह भी बताया कि यह व्हाट्सऐप पर चैट करते है व इसके अन्य साथी इन्हें बैंक खाता उपलब्ध कराते है, जिसमें ये ठगी की राशि ट्रांसफर करके ठगी की राशि आपस में बांट लेते है।
▪️पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जा से वारदात में प्रयोग किए गए 02 मोबाईल फोन, 03 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं व आरोपियों से अभियोग में गहनता से पूछताछ करके बरामदगी करने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे है। अभियोग का अनुसंधान जारी है।
