गुरुग्राम, 09 फरवरी 2026
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VCB) ने कराधान विभाग, रेवाड़ी में तैनात सेवादार विक्रम सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में माननीय न्यायालय श्री सौरभ कुमार, ए.एस.जे., रेवाड़ी में चालान (चार्जशीट) प्रस्तुत किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) के तहत की गई है।
यह मामला जांच क्रमांक 01 दिनांक 04.05.2016, रेवाड़ी की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर दिनांक 26.09.2024 को दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी विक्रम सिंह ने अपनी तैनाती अवधि के दौरान अपनी आय के मुकाबले 64.74 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी, जो कि स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार और संपत्ति संबंधी विसंगतियों का उदाहरण है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने इस मामले में अभियोग संख्या 28 दिनांक 26.09.2024 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज किया। जांच के दौरान सभी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति विवरणों का समुचित सत्यापन किया गया। जांच में यह निष्कर्ष निकला कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपनी संपत्ति में असंगत वृद्धि की, जो अधिनियम के तहत दंडनीय है।
जांच के पूरा होने के बाद अब आरोपी के विरुद्ध माननीय न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया गया है। इस कदम से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि राज्य सरकार और सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो किसी भी सार्वजनिक पदाधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार या अनुचित संपत्ति अर्जन को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करना न केवल भ्रष्टाचार को रोकने में मदद करता है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करता है। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने पद का दुरुपयोग न करने की चेतावनी देने के लिए भी यह एक उदाहरण पेश करता है।
इस मामले में जांच और कार्रवाई के दौरान सभी प्रक्रियाओं का पालन विधिवत किया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोपी के खिलाफ पेश की गई चार्जशीट मजबूत और प्रमाणों पर आधारित हो। अब न्यायालय के सामने मामला आगे बढ़ेगा और उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के विरुद्ध निर्णय लिया जाएगा।
इस घटना से यह भी संकेत मिलता है कि राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो लगातार सार्वजनिक अधिकारियों की संपत्ति और वित्तीय व्यवहार पर निगरानी बनाए रखे हुए है, और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई करने में तत्पर है।
