25 दिसंबर 2025, नई दिल्ली, भारत
- श्रद्धा, शांति और भाईचारे के बीच हुआ क्रिसमस का पावन उत्सव
क्रिसमस के मौके पर नई दिल्ली का Sacred Heart Cathedral श्रद्धा, उम्मीद और खुशी से जगमग उठा। 25 दिसंबर की शाम, चर्च परिसर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जो मोमबत्तियों की सौम्य रोशनी में यीशु मसीह के जन्म का संदेश याद कर रही थी। इस खास अवसर पर श्रद्धालु प्रार्थना, भजन और उत्सव में पूरी तरह डूबे हुए दिखाई दिए।
चर्च परिसर में शांति, प्रेम और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। हर चेहरा विश्वास और खुशी से चमक रहा था। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस पावन अवसर को मनाने के लिए एकत्रित हुए थे। कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ आए थे, और सभी ने मिलकर इस दिव्य रात का आनंद लिया। मोमबत्तियों की हल्की रौशनी ने पूरे परिसर को एक अद्भुत और शांतिपूर्ण माहौल प्रदान किया।
विशेष रूप से, यह अवसर न केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक रूप से भी लोगों को जोड़ने वाला था। श्रद्धालु प्रार्थना और भजन के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे थे, जबकि अन्य उपस्थित लोग मोमबत्तियों की रौशनी में अपने प्रियजनों के साथ मिलकर भाईचारे और प्रेम का संदेश साझा कर रहे थे।
चर्च में लगे सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और क्रिसमस की थीम ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। पंडाल और चर्च परिसर में हर कोना प्रेम, श्रद्धा और उल्लास से भरा था। लोग अपने कैमरा और फोन के माध्यम से इस पावन पल को रिकॉर्ड करते दिखे, ताकि यह यादें उनके लिए हमेशा जीवित रहें।
विशेष रूप से बच्चों ने इस अवसर को और भी यादगार बना दिया। वे मोमबत्तियों के साथ खेलते और भजन गाते हुए पूरे माहौल को उत्सवपूर्ण बना रहे थे। युवा और बुजुर्ग भी एक साथ मिलकर प्रार्थना में शामिल हुए, जिससे यह पता चलता है कि क्रिसमस का संदेश केवल धार्मिक नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला है।
Sacred Heart Cathedral ने इस क्रिसमस ईव पर अपने श्रद्धालुओं को एक ऐसा अनुभव दिया, जो केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा। यह एक ऐसा पल था, जिसने हर उपस्थित व्यक्ति के दिलों में विश्वास, शांति और खुशियों की यादें छोड़ दीं। इस मौके ने यह भी साबित कर दिया कि अंधकार में भी उम्मीद और प्रेम की रौशनी हमेशा जलती रहती है।
