भारत-ईयू FTA: “मदर ऑफ ऑल डील्स” के तहत कार, वाइन और दवाइयां अब सस्ती
नई दिल्ली ,27 जनवरी 2026
करीब दो दशक के इंतजार और लंबी बातचीत के बाद, भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने आखिरकार ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति जताई। इसे व्यापार जगत की अब तक की सबसे बड़ी डील्स में से एक माना जा रहा है। इस समझौते से न केवल भारतीय ऑटोमार्केट को बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील को “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार दिया और इसे भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।
कार प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी
इस डील की सबसे बड़ी हेडलाइन है यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क में भारी कटौती:
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कितनी कटौती: यूरोप से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% किया गया है।
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शर्त: यह छूट सालाना 2,50,000 कारों के कोटे तक सीमित है।
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किसे फायदा: BMW, Audi, Mercedes-Benz, Porsche, Volkswagen जैसी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को फिलहाल इस छूट से बाहर रखा गया है। टेस्ला और अन्य यूरोपीय EV कंपनियों को अभी भी मौजूदा टैक्स देना होगा।
समझौते की लंबी यात्रा
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FTA की शुरुआत 2007 में हुई थी।
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बातचीत 2013 में ठप हो गई थी।
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जून 2022 में इसे दोबारा शुरू किया गया और अब 2026 में यह फाइनल हुआ।
इस समझौते के साथ भारत जापान और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरा एशियाई देश बन गया है, जिसने EV समेत ऐसी डील की है।
व्यापार और निवेश पर असर
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EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
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FY 2024-25 में दोनों के बीच कुल $190 अरब (करीब ₹13.6 लाख करोड़) का व्यापार हुआ।
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डील के बाद व्यापार और निवेश में तेजी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लग्जरी कारों और प्रीमियम ब्रांड्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जबकि मिड-रेंज और मास-मार्केट पर असर सीमित रहेगा। लॉन्ग टर्म में यूरोपीय कंपनियां भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा सकती हैं, जिससे कीमतें और प्रतिस्पर्धा दोनों बेहतर होंगी।
आम उपभोक्ताओं के लिए क्या सस्ता होगा?
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लग्जरी कारें: BMW, Audi, Mercedes-Benz जैसी कारों की कीमत में लाखों रुपये की कमी आ सकती है।
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वाइन और व्हिस्की: यूरोपीय वाइन पर टैक्स 150% से घटकर 20-30%, स्पिरिट पर 40%, बीयर पर 50% तक।
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दवाएं और मेडिकल उपकरण: कैंसर और गंभीर बीमारियों की दवाएं और आधुनिक मेडिकल मशीनरी सस्ती होंगी।
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इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मशीनरी: मोबाइल, हवाई जहाज़ के पुर्ज़े और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमत में कमी।
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स्टील और केमिकल प्रोडक्ट्स: कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्रियल सेक्टर में कच्चे माल की कीमतें गिरेंगी।
भारतीय एक्सपोर्टर्स को भी बड़ा फायदा
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कपड़ा, लेदर और ज्वेलरी उद्योग के लिए यूरोप का विशाल बाजार खुलेगा।
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भारतीय एक्सपोर्टर्स बांग्लादेश और वियतनाम को पीछे छोड़कर नंबर 1 बन सकते हैं।
ऐतिहासिक हस्ताक्षर
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुए समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद थे।
मोदी ने कहा:
“यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट है। आज से एक नया युग शुरू हुआ है।”
एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इसे ऐतिहासिक और निर्णायक पल बताया
भारत-ईयू FTA यानी “मदर ऑफ ऑल डील्स” न केवल लग्जरी कार, वाइन और दवाइयों को सस्ता करेगा, बल्कि भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। यह डील निवेश, व्यापार और सप्लाई चेन में नए अवसर खोलेगी और लंबे समय में भारतीय उपभोक्ता और इंडस्ट्री दोनों को लाभ पहुंचाएगी।
