15 जनवरी 2026
अमेरिका में बसने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान समेत 75 तथाकथित ‘हाई-रिस्क’ देशों से आने वाले लोगों के इमिग्रेंट वीजा पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है।
कौन-कौन से वीजा प्रभावित होंगे?
यह रोक केवल इमिग्रेंट वीजा पर लागू होगी। टूरिस्ट, स्टूडेंट और अस्थायी वर्क वीजा पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि इन देशों के कुछ प्रवासी अमेरिकी सरकारी कल्याण योजनाओं पर अस्वीकार्य स्तर तक निर्भर हो सकते हैं, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
स्टेट डिपार्टमेंट ने नवंबर 2025 में जारी एक दिशा-निर्देश के तहत कांसुलर अधिकारियों को यह अधिकार दिया है कि वे उन आवेदकों को वीजा देने से मना कर सकें जिनके पब्लिक बेनिफिट्स पर निर्भर रहने की संभावना अधिक हो। इसमें हेल्थ, उम्र, अंग्रेजी दक्षता और लॉन्ग-टर्म मेडिकल जरूरतें जैसी कई चीजें देखी जाएंगी।
कितने देश शामिल हैं और कौन-कौन?
रूस, ईरान, अफगानिस्तान, सोमालिया, इराक, मिस्र, ब्राजील, नाइजीरिया, थाईलैंड, यमन समेत कुल 75 देश इस सूची में हैं। रोक 21 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। विशेष रूप से सोमालिया पर अमेरिका की नजर इसलिए कड़ी है क्योंकि मिनियापोलिस में टैक्सपेयर्स के पैसे से चलने वाले बेनिफिट प्रोग्राम्स में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी सामने आई थी।
स्टेट डिपार्टमेंट का बयान:
डिपार्टमेंट ने कहा है कि यह कदम उन अप्रवासियों को रोकने के लिए है, जो अमेरिका में पब्लिक चार्ज बन सकते हैं। रोक तब तक लागू रहेगी जब तक इमिग्रेशन प्रोसेसिंग का मूल्यांकन पूरा नहीं होता। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को अमेरिका में एंट्री से रोकना है जो सरकारी लाभों पर निर्भर रह सकते हैं।
निष्कर्ष:
यह नई वीजा नीति उन देशों के नागरिकों के लिए चुनौती बन सकती है, जबकि अमेरिका में बसने के इच्छुक अन्य आवेदकों को सावधानी से योजना बनानी होगी।
