
भारत-अफ्रीका पांच व्यापारिक भागीदारों में शीर्ष पर - नायब सिंह सैनी कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढाने हेतु तकनीक और नवाचार पर दिया जा रहा बल- मुख्यमंत्री नई दिल्ली 29 अगस्त -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल साउथ की भूमिका पर बल दे रहे हैं और विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूती से उठा रहे हैं। आज जब पूरी दुनिया “ग्लोबल साउथ“ की ओर देख रही है इसमें सामूहिक विकास के लिए सहयोग और साझेदारी की ज़रूरत है।
भारत-अफ्रीका पांच व्यापारिक भागीदारों में शीर्ष पर – नायब सिंह सैनी
कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढाने हेतु तकनीक और नवाचार पर दिया जा रहा बल- मुख्यमंत्री
नई दिल्ली 29 अगस्त — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल साउथ की भूमिका पर बल दे रहे हैं और विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूती से उठा रहे हैं। आज जब पूरी दुनिया “ग्लोबल साउथ“ की ओर देख रही है इसमें सामूहिक विकास के लिए सहयोग और साझेदारी की ज़रूरत है।
भारत और अफ्रीका मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रहे हैं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नई दिल्ली के ताज पैलेस में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित 20वें इंडिया—अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव – 2025 को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल साउथ की एकता से ही वैश्विक समस्याओं का समाधान संभव है। उनकी इसी सोच पर भारत और अफ्रीका मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रहे हैं, जो आपसी विश्वास एवं सहयोग पर आधारित है जोकि प्रौद्योगिकी और समावेशी समृद्धि से पोषित है। भारत-अफ्रीका के संबंध केवल बिजनेस से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि इन दोनों देशों का रिश्ता ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2006 में 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अब 83 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ऊपर पहुंच गया है। यह वृद्धि हमारे देशों के बीच बढ़ते आर्थिक जुड़ाव और अवसरों को दर्शाती है। भारत आज अफ्रीका के शीर्ष पांच व्यापारिक भागीदारों में से एक है। इस साझेदारी में व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, मूल्य शृंखला और विकास जैसे विविध आयाम शामिल है।
भविष्य की साझेदारी को नई दिशा दे रहे हैं।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी सह-भागीदारी ऊर्जा, स्वास्थ्य, डिजिटल पब्लिक गुड्स, कौशल विकास, कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सीआईआई के सहयोग से बिजनेसमैन, नीति निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ एक साथ आकर विचार-मंथन करते हुए भविष्य की साझेदारी को नई दिशा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉन्क्लेव केवल बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यम-प्रेरित सांझेदारियों का एक जीवंत मंच है। भारतीय कृषि का राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। यह रोजगार देने का प्रमुख क्षेत्र है। ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों के बावजूद भारत कृषि के कई उत्पादों के मामलों में ग्लोबल लीडर है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र का अभूतपूर्व विकास हो रहा है तथा किसान समृद्ध हो रहे हैं। देश के कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, संसाधनों के प्रबंधन और बाजार की पहुंच के लिए तकनीक और नवाचार पर बल दिया जा रहा है। कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ उसे टिकाऊ, लाभदायक व्यवसाय बनाना ही हमारा मुख्य विजन है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फसल बेचने के साथ-साथ खाद, बीज, ऋण और कृषि उपकरणों के लिए ’मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल शुरू किया है। किसानों को अपनी उपज को एम.एस.पी. पर बेचने और ’ई-खरीद’ पोर्टल के माध्यम से समय पर भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। जल संरक्षण और भूमिगत जल स्तर में सुधार के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। धान के स्थान पर अन्य फसलों को उगाने के लिए 8000 रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा धान की सीधी बिजाई करने के लिए 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों पर 85 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।