
द्रमा-: कन्या राशि में सायं 7/22 तक उसके बाद तुला राशि में
राशि स्वामी-: बुद्ध
दिल्ली 27 अगस्त 2025 ,
प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम्। तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्॥ लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च। सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम्॥ नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्। एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम्॥
अर्थ: जिनका पहला नाम ‘वक्रतुण्ड’ है, दूसरा ‘एकदन्त’ है, तीसरा ‘कृष्णपिङ्गाक्षं’ है, चौथा ‘गजवक्त्र’ है, पाँचवाँ ‘लम्बोदर’, छठा ‘विकट’, सातवाँ ‘विघ्नराजेन्द्रं’, आठवाँ ‘धूम्रवर्ण’, नौवां ‘भालचंद्र’, दसवाँ ‘विनायक’, ग्यारहवाँ ‘गणपति’, और बारहवाँ नाम ‘गजानन’ है।
जय जय श्री राधे
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण
सब सुखी व स्वस्थ रहें
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
सूर्य दक्षिणायण, ऋतु-: शरद
सूर्य उदय : प्रातः 6/00
सूर्य अस्त : सायं 6/45
भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 27/8/2025
दिन-: बुधवार
चंद्रमा-: कन्या राशि में सायं 7/22 तक उसके बाद तुला राशि में
राशि स्वामी-: बुद्ध
आज का नक्षत्र -: हस्त प्रात: 6/05 तक चित्रा
नक्षत्र स्वामी – : मंगल
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 6/05 से चित्रा नक्षत्र चरण 1 में
दोपहर 12/45 से चित्रा नक्षत्र चरण 3 में
सायं 7/22 से चित्रा नक्षत्र चरण 4 में
योग-: दोपहर 12/34 तक शुभ योग-: यह एक शुभ योग है
उसके बाद शुक्ल -: यह एक शुभ योग है
आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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-: सिद्धि विनायक व्रत, पंचमी पक्ष (जैन)
♻️आज की शुभ दिशा -: दक्षिण,पूर्व,दक्षिण-पश्चिम
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♻️ दिशा शूल -: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर धनिया या तिल खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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सूर्य -: सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 3 में ( नक्षत्र स्वामी केतु) प्रात: 10/55 से चरण 4 में
मंगल -: कन्या राशि (राशि स्वामी बुद्ध) हस्त नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
बुद्ध -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) आश्लेषा चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
शुक्र -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र)पुष्य नक्षत्र चरण 2 में ( नक्षत्र स्वामी शनि)
शनि(वक्री) -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु)उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में(नक्षत्र स्वामी शनि)
राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
राहु काल -: दोपहर 12/00 से 1/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
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प्रात-: 5/15 तक कर्क
7/34 तक सिंह
9/50 तक कन्या
दोपहर 12/08 तक तुला
2/27 तक वृश्चिक
सायं 4/31 तक धनु
6/14 तक मकर
सायं 7/42 तक कुम्भ
रात्रि 9/06 तक मीन
10/42 तक मेष
12/37 तक वृष