गुरुग्राम: 06 फरवरी 2026
- ठगी के मामले में गुरुग्राम पुलिस की बड़ी कार्यवाही
- 32 माइलस्टोन बिल्डिंग की एक यूनिट का सेल एग्रीमेंट करवाकर फिर उस सेल की गई यूनिट को अन्य व्यक्तियों को बेचकर ठगी करने के मामले में कंपनी का डायरेक्टर आर्थिक अपराध शाखा 2 की टीम के द्वारा किया गया गिरफ्तार।
- आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर सेल एग्रीमेंट करवाकर 02 करोड़ 50 लाख रुपयों की ठगी करने की वारदात को दिया था अंजाम।
- सेल एग्रीमेंट के बाद भी पीड़ित के नाम कन्वीनिंस डीड न कराने तथा सेल की गई यूनिट को अन्य 25 व्यक्तियों को बेचकर की थी ठगी।
▪️गुरुग्राम पुलिस द्वारा आर्थिक अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए आर्थिक अपराध शाखा-II (EOW-II), गुरुग्राम की टीम ने निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में सैक्टर-15 स्थिति 32-माइलस्टोन परिसर की पहली मंजिल पर यूनिट संख्या 24 (3000 वर्ग फुट) का सेल एग्रीमेंट करके उसकी कन्विन्स डीड क्रेता के नाम न कराकर 02 करोड़ 50 लाख रूपये की ठगी करने के मामले में आरोपी कम्पनी डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है।
▪️मामले का संक्षिप्त विवरण: दिनांक 02.01.2026 को आर्थिक अपराध शाखा-II, गुरुग्राम द्वारा जाँच उपरांत एक शिकायत पुलिस थाना सिविल लाईन्स, गुरुग्राम में प्राप्त हुई।
शिकायत में एम/एस ट्रॉम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ने बताया कि एम/एस अप्रा मोटेल्स जो कि अब एम/एस 32nd विस्टास प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्म है। वर्ष-2021 में उसके डायरेक्टर, निर्देशक व शेयरधारकों द्वारा इसकी कंपनी से संपर्क किया और बताया कि ये रियल एस्टेट के बड़े खिलाड़ी है व किराया बाजार में क्रांति लाएंगे। उनकी 32 nd माइलस्टोन सैक्टर-15, पार्ट-2 के परिसर में पहली मंजिल पर यूनिट संख्या-24 (3000 वर्ग फुट) को बिक्री हेतु प्रस्तावित किया गया है। इस यूनिट का मूल्य 02 करोड़ 50 लाख रूपये तय किया गया और इनकी (शिकायकर्ता) कम्पनी द्वारा दिनांक 21.09.2021 को 02 करोड़ 50 लाख रूपये उपरोक्त यूनिट का भुगतान किया गया व उपरोक्त कम्पनी एम/एस 32nd विस्टास प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शिकायकर्ता की कम्पनी के साथ एग्रीमेंट टू सेल तो किया पर भुगतान के बाद इनकी कम्पनी के नाम कन्विन्स डीड नाम नही कराई और बार बार इनकी (शिकायकर्ता) कम्पनी को टहलाते रहे तो इस संबंध में इसकी कंपनी द्वारा दिनांक 11.10.2023 को नोटिस जारी करवाया गया परंतु उपरोक्त कंपनी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। समझौते के अनुसार उपरोक्त कम्पनी/फर्म द्वारा इनकी कम्पनी को उपरोक्त यूनिट के किराए का भुगतान करते रहे, परन्तु कन्विन्स डीड इनके नाम नही कराई। इनकी कम्पनी द्वारा जांच करने पर पता लगा कि वर्ष-2022 से वर्ष-2023 के बीच उपरोक्त यूनिट को 25 अन्य व्यक्तियों के नाम कन्विन्स डीड करा कराई गई है व धोखाधडी करके इसका सेल एग्रीमेंट समाप्त करके उपरोक्त यूनिट को बेचकर इसके साथ 02 करोड़ 50 लाख रूपये की ठगी की है।
▪️पुलिस थाना सिविल लाईन्स, गुरुग्राम में अभियोग अंकित: उपरोक्त तथ्यों के आधार पर पुलिस थाना खेड़की दौला, गुरुग्राम में दिनांक 02.01.2026 को संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
▪️पुलिस कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी: आर्थिक अपराध शाखा-II (EOW-II), गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में उपरोक्त अभियोग से सम्बन्धित विभिन्न जानकारी एवं सूचनाएं एकत्रित की गई और उनका विश्लेषण करके पुलिस तकनीकी की सहायता से व पुलिस प्रणाली का प्रयोग करते हुए आज दिनांक 06.02.2026 को गोल्फ कोर्स रोड, गुरुग्राम से अभियोग में वांछित आरोपी *ध्रुवदत्त शर्मा (उम्र-34 वर्ष, शिक्षा-बी. बी.ए.) निवासी सिविल लाईन्स, जिला गुरुग्राम (हरियाणा) वर्तमान पता डीएलएफ कैमिलियाज गुरुग्राम, हरियाणा* को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की।
▪️आरोपी से पुलिस पूछताछ में खुलासे: प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी ध्रुवदत्त शर्मा उपरोक्त कम्पनी एम/एस 32nd विस्टास प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर है व इसने और इसके अन्य साथियों ने मिलकर अभियोग में शिकायकर्ता की कंपनी एम/एस ट्रॉम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ वर्ष-2021 में 32 nd माइलस्टोन सैक्टर-15 पार्ट-2 के परिसर की पहली मंजिल पर यूनिट संख्या 24 का 02 करोड़ 50 लाख रूपये में सेल एग्रीमेंट किया व शिकायकर्ता द्वारा भुगतान करने के बाद भी बेइमानी की नीयत से उपरोक्त यूनिट की कन्वीनयंस डीड उनके नाम नही करवाई। इसने व इसके अन्य साथियों ने उपरोक्त यूनिट को टुकड़ों में 25 अन्य व्यक्तियों को बेच दिया, फिर सभी 25 व्यक्तियों से उपरोक्त यूनिट को अपनी फर्म ग्रोथ हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 30 वर्षों के लिए लीज पर लेकर उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया।
▪️आगामी कार्यवाही: पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए उपरोक्त आरोपी को दिनांक 06.02.2026 को माननीय न्यायालय में पेश करके पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा व रिमांड के दौरान आरोपी के अन्य संभावित साथियों की पहचान, ठगी की गई राशि की बरामदगी, संबंधित दस्तावेजों की रिकवरी तथा अन्य संभावित धोखाधड़ी/अपराधिक मामलों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है। अभियोग का अनुसंधान जारी है।
