29 जनवरी 2026
चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए जीत दर्ज की है। आज को हुए इस चुनाव में सौरभ जोशी चंडीगढ़ के नए मेयर बने। इस बार की प्रक्रिया पिछले चुनावों से अलग रही — सीक्रेट बैलेट की जगह ओपन वोटिंग कराई गई और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई, ताकि किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे।
चुनाव की शुरुआत कांग्रेस उम्मीदवार के लिए वोटिंग से हुई, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस का समर्थन नहीं किया। यही वजह रही कि बीजेपी की जीत लगभग तय हो गई। सौरभ जोशी को कुल 18 वोट मिले, जबकि AAP के उम्मीदवार योगेश ढींगरा को 11 वोट पड़े। कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में 7 वोट आए, जिसमें चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी का वोट भी शामिल था। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की वोटिंग के बाद सदन से वॉकआउट कर लिया।
नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं और चंडीगढ़ सांसद का एक वोट मिलाकर कुल वोटों की संख्या 36 हो जाती है। बीजेपी के पास पहले से ही 18 पार्षद थे, जबकि AAP के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद। अगर AAP और कांग्रेस एकजुट हो जाते, तो मुकाबला बराबरी का हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिला।
मेयर के अलावा, सीनियर डिप्टी मेयर पद पर बीजेपी के जसमनप्रीत सिंह और डिप्टी मेयर पद पर सुमन देवी चुनी गईं। चुनाव से पहले क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते सभी दलों ने अपने-अपने पार्षदों को अलग-अलग स्थानों पर रखा था, लेकिन वोटिंग के दौरान कोई बड़ा उलटफेर देखने को नहीं मिला।
मेयर पद संभालने के बाद सौरभ जोशी ने भावुक भाषण दिया। उन्होंने अपने पिता के संघर्ष, सेवा और संस्कारों को याद करते हुए कहा कि यह जीत किसी कुर्सी की नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले 300 दिनों में पक्ष और विपक्ष से ऊपर उठकर चंडीगढ़ को संवेदनशील, ईमानदार और न्यायपूर्ण शहर बनाने की कोशिश करेंगे।
कुल मिलाकर, इस चुनाव में ओपन वोटिंग और विपक्ष की एकजुटता की कमी ने बीजेपी की राह आसान कर दी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सौरभ जोशी अपने वादों को धरातल पर कैसे उतारते हैं और चंडीगढ़ की जनता की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं।
