जोधपुरः स्कूली बच्चों से भरी बोलेरो पलटी, 2 की मौत, 7 घायल

राजस्थान के जोधपुर जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें स्कूली बच्चों से भरी बोलेरो गाड़ी पलट गई। इस हादसे में 2 मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चे स्कूल जाने के लिए बोलेरो में सवार थे, और गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
हादसे का विवरण
हादसा जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्र में हुआ, जहां बोलेरो वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गाड़ी की रफ्तार अधिक थी और ड्राइवर का अचानक वाहन पर से नियंत्रण हट गया, जिसके कारण बोलेरो सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय वाहन काफी तेज गति में था, और गाड़ी में बैठे बच्चों की चीख-पुकार से पूरा क्षेत्र दहल गया।
मौके पर बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने बोलेरो के अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही दो बच्चों ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य 7 घायल बच्चों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जोधपुर के बड़े अस्पताल में रेफर किया जा सकता है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, बोलेरो में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था, और यह हादसा ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुआ। पुलिस ने बोलेरो के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवारों में शोक की लहर
इस हादसे से मृतक बच्चों के परिवारों में गहरा शोक फैल गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है। बच्चों की अचानक हुई मौत से सभी स्तब्ध हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना दी है और हादसे के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्कूल परिवहन की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे के बाद स्कूल वाहनों की सुरक्षा और नियमों का पालन न करने के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में बैठाने और तेज गति से वाहन चलाने जैसी लापरवाहियां पहले भी कई हादसों का कारण बन चुकी हैं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर से स्कूल परिवहन के मानकों और सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
स्थानीय प्रशासन से इस घटना के बाद स्कूल वाहन सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
समाज और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और शोक संतप्त परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के इलाज के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की भी संभावना है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रशासन और परिवहन सेवाओं को और अधिक सतर्क और जिम्मेदार होना पड़ेगा।