29 जनवरी 2026
पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम इस समय असमंजस की स्थिति में फंसी हुई है। न खिलाड़ियों को स्थिति की पूरी जानकारी है और न ही फैंस को। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा या नहीं?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आईसीसी ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस फैसले के बाद पाकिस्तान ने खुलकर बांग्लादेश का समर्थन किया और भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार के साथ-साथ पूरे टूर्नामेंट से हटने की धमकियां देने लगा।
हालांकि अब वही बयानबाज़ी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर भारी पड़ती नजर आ रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान न तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करेगा और न ही भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटेगा। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान एक बार फिर अपने रुख से यू-टर्न लेने की तैयारी में है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी टीम को श्रीलंका भेजने की तैयारी कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान टीम की फ्लाइट पहले ही बुक हो चुकी है और सोमवार को टीम के कोलंबो रवाना होने की संभावना है, भले ही आधिकारिक फैसला अभी आना बाकी हो।
नकवी ने कहा है कि टूर्नामेंट में भागीदारी को लेकर अंतिम फैसला शुक्रवार या फिर 2 फरवरी तक लिया जाएगा, लेकिन अंदरखाने लगभग सब कुछ तय माना जा रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि नकवी को अपने ही देश से समर्थन नहीं मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, सैन्य प्रतिष्ठान के अधिकारियों और पीसीबी के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी और रमीज राजा से बातचीत की। सभी ने एकमत होकर टूर्नामेंट का बहिष्कार न करने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साफ शब्दों में कहा कि बहिष्कार से पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस बीच, पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सकलैन मुश्ताक ने क्रिकेट में राजनीति के बढ़ते दखल पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति न सिर्फ क्रिकेट को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि मानवता के लिए भी घातक साबित हो रही है। उनके मुताबिक क्रिकेट का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, न कि देशों के बीच विभाजन पैदा करना।
गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में किया जाएगा। पाकिस्तान अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलेगा। वह ग्रुप-ए में भारत, अमेरिका, नीदरलैंड और नामीबिया के साथ शामिल है।
पाकिस्तान का पहला मुकाबला अमेरिका से होगा, जबकि 15 फरवरी को उसका हाई-वोल्टेज मैच भारत के खिलाफ कोलंबो में खेला जाएगा।
अगर पाकिस्तान अंतिम समय में टूर्नामेंट से हटता है, तो उसकी जगह युगांडा को मौका दिया जा सकता है और पीसीबी पर कड़े प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
अब सभी की नजरें मोहसिन नकवी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो शुक्रवार या सोमवार को सामने आ सकता है। फिलहाल हालात यही संकेत दे रहे हैं कि पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप खेलेगा और बहिष्कार की बातें सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रहेंगी।
