
नई दिल्ली, 11 नवंबर 2024 – दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों पर बात की। इस दौरान उन्होंने बस मार्शल के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, और इसके तहत 2015 में दिल्ली सरकार ने बसों में बस मार्शल तैनात किए थे, ताकि महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित महसूस हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2023 में अपने अधिकारियों के माध्यम से इन मार्शलों की नियुक्ति को रोक दिया था, जिसके बाद महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे थे।
बस मार्शल की बहाली का मुद्दा
आतिशी ने कहा कि भाजपा के प्रयासों के बावजूद, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर संघर्ष किया और अंततः भाजपा को झुकने पर मजबूर किया। अब दिल्ली सरकार ने यह फैसला लिया है कि जब तक केंद्र सरकार और उपराज्यपाल द्वारा बस मार्शल की स्थायी नियुक्ति के लिए कोई नीति नहीं बनाई जाती, दिल्ली सरकार 10,000 बस मार्शल को तत्काल प्रभाव से बहाल करेगी।
उन्होंने कहा, “हम उपराज्यपाल को एक पत्र लिख रहे हैं, जिसमें हम बस मार्शलों की स्थायी नियुक्ति के लिए नीति बनाने का अनुरोध करेंगे। जब तक नीति नहीं बनती, हम 10,000 बस मार्शलों को तत्काल बहाल करेंगे ताकि महिलाओं को फिर से सुरक्षा मिल सके।”
दिल्ली सरकार का खर्च
आतिशी ने स्पष्ट किया कि बस मार्शल की नियुक्ति और उनके वेतन का सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। “हमारी सरकार उन युवाओं को रोजगार देना चाहती है जो गरीब परिवारों से आते हैं और साथ ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इस योजना से दोनों समस्याओं का समाधान होगा,” उन्होंने कहा।
भा.ज.पा. पर आरोप
आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने अप्रैल 2023 से जानबूझकर इन बस मार्शलों की तनख्वाह रोक दी थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले के कारण एक तरफ महिलाएं असुरक्षित हुईं, दूसरी तरफ 10,000 परिवार बेरोजगार हो गए। उन्होंने कहा, “जब बसों में मार्शल तैनात थे, तो महिलाओं के साथ अभद्रता की घटनाओं में कमी आई थी, और कई अन्य सुरक्षा समस्याओं को भी रोका गया था।”
केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ खुला हमला
आतिशी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बार-बार भाजपा से इन मार्शलों को बहाल करने की मांग की थी, और अब जब संघर्ष ने परिणाम देना शुरू किया, तो भाजपा को अंततः झुकना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा, “हम लगातार संघर्ष करेंगे और महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे। भाजपा का यह षड्यंत्र अब काम नहीं करेगा।”
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा के मामले में कभी समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि 2017-18 में दिल्ली सरकार ने बसों में मार्शल तैनात किए थे और इनकी तैनाती से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ था।
सारांश:
आतिशी ने इस मुद्दे पर साफ किया कि दिल्ली सरकार ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ खड़ा होकर महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के मामले में बड़ा कदम उठाया है। उनका कहना था कि जब तक केंद्र सरकार इस मुद्दे पर ठोस नीति नहीं बनाती, दिल्ली सरकार अपनी तरफ से पूरी जिम्मेदारी निभाएगी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए 10,000 बस मार्शल को बहाल करेगी