
बुद्धिमान और कलाओं का ज्ञान देने वाला योग
प्रमुख बिंदु:
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आज का पंचांग और तिथि:
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विक्रम संवत: 2082, संवत्सर नाम: सिद्धार्थी
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सूर्य उत्तरायण, ऋतु: वसंत
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चंद्रमा: मिथुन राशि में
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नक्षत्र: आर्द्रा (राहु)
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शुभ योग: शोभ योग (धार्मिक, बुद्धिमान और कलाओं का ज्ञान देने वाला योग)
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भद्रा: रात्रि 8:13 से अगले दिन प्रातः 7:50 तक कोई शुभ कार्य न करें
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ग्रहों की स्थिति:
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सूर्य: मीन राशि, रेवती नक्षत्र
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मंगल: मिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र
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गुरु: वृष राशि, रोहिणी नक्षत्र
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शुक्र (वक्री): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
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शनि: मीन राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र
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राहु: मीन राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र
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केतु: कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
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राहु काल: प्रातः 11:00 से दोपहर 12:30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
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आज की शुभ दिशा: पूर्व, उत्तर, उत्तर-पूर्व
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दिशा शूल: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें
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दैनिक लग्न सारणी:
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प्रातः 6:38 तक: मीन
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8:14 तक: मेष
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10:09 तक: वृष
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दोपहर 12:24 तक: मिथुन
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2:43 तक: कर्क
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सायं 5:01 तक: सिंह
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7:18 तक: कन्या
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रात्रि 9:36 तक: तुला
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11:55 तक: वृश्चिक
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2:00 तक: धनु
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देवी माँ कालरात्रि के श्लोक का अर्थ:
इस श्लोक में देवी माँ कालरात्रि के रौद्र रूप का वर्णन किया गया है। इस रूप में वह नकारात्मक शक्तियों का नाश करने और भक्तों से भय और अज्ञानता को दूर करने का कार्य करती हैं। यह श्लोक विशेष रूप से सप्तमी तिथि पर अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
🙏 जय माता की 🙏