8 जनवरी 2026
बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दोनों देशों के बीच JF-17 थंडर लड़ाकू विमान की बिक्री को लेकर संभावित रक्षा समझौते पर बातचीत हुई है। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट डेली स्टार ने पाकिस्तानी सेना के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत इस्लामाबाद में हुई, जहां पाकिस्तान वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू और बांग्लादेश वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान के बीच बैठक हुई। इस दौरान चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित बहु-भूमिका लड़ाकू विमान JF-17 थंडर की संभावित खरीद पर विस्तृत चर्चा की गई।
JF-17 के साथ प्रशिक्षण और दीर्घकालिक सहयोग का प्रस्ताव
डेली स्टार के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के प्रेस विंग ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को सुपर मुश्शक प्रशिक्षण विमानों की शीघ्र डिलीवरी, पायलट प्रशिक्षण और दीर्घकालिक तकनीकी सहायता प्रणाली का भी आश्वासन दिया है।
राजनयिक संपर्कों के बाद तेज़ हुई बातचीत
यह बैठक ऐसे समय पर हुई है, जब कुछ ही दिन पहले बांग्लादेश में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने 28 दिसंबर को ढाका के स्टेट गेस्ट हाउस में मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस से शिष्टाचार भेंट की थी।
मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग के अनुसार, इस बैठक के दौरान पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने यह भी संकेत दिया कि ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानें जनवरी से शुरू हो सकती हैं।
JF-17 थंडर की प्रमुख विशेषताएं
JF-17 थंडर पाकिस्तान और चीन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक आधुनिक बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है। इसकी प्रमुख खूबियां इस प्रकार हैं:
-
मल्टी-रोल क्षमता: एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड और एयर-टू-सी मिशनों में सक्षम
-
उन्नत रडार सिस्टम: ब्लॉक-III वेरिएंट में AESA रडार, जिससे लक्ष्य पहचान और ट्रैकिंग बेहतर होती है
-
विविध हथियार प्रणाली: हवा-से-हवा, हवा-से-ज़मीन मिसाइल, स्मार्ट बम और एंटी-शिप मिसाइल ले जाने की क्षमता
-
कम लागत और आसान रखरखाव: विकासशील देशों के लिए किफायती विकल्प
बांग्लादेश–पाकिस्तान रिश्तों में बढ़ती नजदीकी
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य संपर्कों में तेजी देखी गई है। अक्टूबर में पाकिस्तान की संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने भी बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की थी।
मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग ने बयान में कहा कि बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों देशों ने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-संबंधों को आधार बनाकर सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
अगर यह रक्षा सौदा आगे बढ़ता है, तो इसे दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
