यह नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक है और माना जा रहा है कि आज होने वाले निर्णयों से बिहार के विकास रोडमैप को नई दिशा मिल सकती है। चुनाव अभियान के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने वादा किया था कि अगले पाँच वर्ष में सरकार राज्य के युवाओं को 1 करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराएगी।
नौकरी योजना के लिए तीन नए विभाग बनने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए तीन नए विभाग बनाने जा रही है, जिनमें शामिल हैं—
- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग
- उच्च शिक्षा विभाग
- सिविल एविएशन विभाग
इन विभागों की स्थापना के बाद युवाओं को स्किल डेवलपमेंट, बेहतर क्वालिटी एजुकेशन और विमानन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इन कदमों से राज्य में हजारों नई सरकारी और निजी नौकरियां पैदा होंगी।
पहली कैबिनेट बैठक के फैसलों पर होगी समीक्षा
25 नवंबर को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 10 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इनमें प्रमुख थे—
-
25 नई चीनी मिलों की स्थापना
-
टेक हब का निर्माण
-
औद्योगिक पुनरुद्धार नीति
-
किसानों की आय बढ़ाने की योजना
-
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
आज की बैठक में इन योजनाओं में तेजी लाने और इन्हें लागू करने की समयसीमा तय की जा सकती है।
MSME सेक्टर और प्रमोशन बोर्ड पर भी होगी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, सरकार MSME सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए एक नया निदेशालय बनाने पर विचार कर रही है। साथ ही Bihar Marketing Promotion Corporation बनाने का भी प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है, ताकि राज्य में निवेश आकर्षित किया जा सके और स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग हो सके।
सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक बिहार को देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों की सूची में शामिल किया जाए।
युवाओं में उम्मीद, फैसलों का इंतजार
अगर आज के प्रस्तावों पर मुहर लगती है, तो राज्य में रोजगार के नए दरवाज़े खुलेंगे और युवाओं में नई ऊर्जा देखने को मिलेगी। जहां विपक्ष इसे राजनीतिक घोषणा बता रहा है, वहीं समर्थक इसे बिहार के विकास की नई शुरुआत बता रहे हैं।
इस समय पूरे बिहार की निगाहें इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं।
बिहार विकास यात्रा से जुड़ी हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ।
