
निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं।
गुरुग्राम, मानेसर (24 फरवरी) – मानेसर नगर निगम के मेयर और पार्षदों के चुनाव के लिए सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 2 मार्च को होने वाले मतदान से पहले भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस बार का चुनाव तिकोना मुकाबला बनता नजर आ रहा है, जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं।
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत
चार साल बाद हो रहे इन चुनावों में भाजपा ने सुंदरलाल सरपंच को मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने नीरज यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों में विजय सिंह चौहान और डॉ. इंद्रजीत यादव चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार चुनाव त्रिकोणीय बनता दिख रहा है। भाजपा प्रत्याशी सुंदरलाल सरपंच, निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. इंद्रजीत यादव और विजय सिंह चौहान के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी नीरज यादव भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों जितना समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है।
भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, कांग्रेस प्रचार में सुस्त
भाजपा अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी कैबिनेट के मंत्री भाजपा प्रत्याशी सुंदरलाल सरपंच के लिए प्रचार कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि मानेसर में भाजपा सरकार के कार्यों और विकास योजनाओं को जनता का समर्थन मिलेगा।
वहीं, कांग्रेस की ओर से अब तक कोई बड़ा नेता प्रचार करने नहीं पहुंचा है, जिससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस उम्मीदवार नीरज यादव स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क कर रहे हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व की निष्क्रियता उनकी स्थिति को कमजोर बना सकती है।
निर्दलीय प्रत्याशी अपने दम पर लड़ाई में डटे
इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी भी बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। विजय सिंह चौहान और डॉ. इंद्रजीत यादव ने अपने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। ये दोनों प्रत्याशी लंबे समय से चुनाव की तैयारियों में जुटे थे और स्थानीय जनता के बीच अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं।
हालांकि, इन प्रत्याशियों ने अब तक कोई बड़ी जनसभा आयोजित नहीं की है और न ही प्रचार के लिए किसी बड़े नेता या फिल्मी सितारे को बुलाया है। बावजूद इसके, जनता में उनकी अच्छी पकड़ है और वे भाजपा-कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
2 मार्च को होगा फैसला
चुनाव में अब सिर्फ कुछ दिन बाकी हैं और सभी प्रत्याशी अपने प्रचार अभियान को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि क्या भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखेगी, कांग्रेस वापसी करेगी या फिर निर्दलीय प्रत्याशी कोई बड़ा उलटफेर करेंगे। 2 मार्च को होने वाले मतदान के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मानेसर नगर निगम की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।