उत्तर प्रदेश, 08 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन (EC) ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, यानी SIR, जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 12.55 करोड़ वोटर शामिल हैं, लेकिन लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कट गए हैं, जो कुल वोटरों का 18.7% है। इस बड़ी कटौती ने सत्ताधारी बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तुरंत मोर्चा संभाला और पार्टी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में बड़ी संख्या में वोटर नाम कटने पर चिंता जताई गई और तय किया गया कि हर पोलिंग बूथ पर कम से कम 200 नए वोटर जोड़ने का लक्ष्य रखा जाएगा। इसे पार्टी ने ‘मिशन 200’ का नाम दिया है।
बीजेपी विशेष ध्यान देगी उन मतदाताओं पर जो यूपी निवासी हैं, लेकिन अन्य राज्यों जैसे दिल्ली में काम करते हैं और वहीं वोटर हैं। पार्टी उन्हें यूपी में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करेगी। इसके अलावा, जिन मतदाताओं के नाम शहर और गांव दोनों जगह दर्ज हैं, उनसे अनुरोध किया जाएगा कि वे चुनाव के दिन उसी स्थान पर वोट डालें, जहाँ वे आसानी से पहुंच सकें।
पार्टी कार्यकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे दोहरी आईडी वाले मतदाताओं तक दोबारा पहुंचें और उन्हें सही मतदान स्थल पर वोट डालने के लिए मार्गदर्शन दें।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट लिस्ट पर आपत्तियां और दावे 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दर्ज किए जा सकते हैं। सभी आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी तक किया जाएगा और 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इस लिस्ट के प्रकाशन के साथ ही यूपी में चुनावी तैयारियां और तेज हो गई हैं, और राजनीतिक दलों के लिए अब मतदाता सूची सुनिश्चित करना सबसे बड़ा कार्य बन गया है।
