- सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह – जनवरी 2026
गुरुग्राम, 10 जनवरी
सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह (जनवरी 2026) के अवसर पर राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, एम्स, बाढ़सा के प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग, गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में जिला प्रशिक्षण केंद्र, गुरुग्राम में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता, प्रशिक्षण एवं एचपीवी-डीएनए स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान तथा प्रभावी रेफरल प्रणाली को सुदृढ़ करना रहा।
इस अवसर पर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक रोकथाम योग्य बीमारी है और समय पर जांच (अर्ली डिटेक्शन) तथा व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से इससे होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि समुदाय में जागरूकता, स्क्रीनिंग, रेफरल एवं फॉलो-अप में उनकी सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में बताया गया कि 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर किंतु काफी हद तक रोके जा सकने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। स्टाफ नर्स, एएनएम, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) एवं आशा कार्यकर्ता समुदाय स्तर पर जागरूकता प्रसार, स्क्रीनिंग एवं अनुवर्ती देखभाल की प्रमुख कड़ी हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत इन स्वास्थ्य कर्मियों की स्वयं स्क्रीनिंग भी की गई, जिससे उन्हें जांच प्रक्रिया की सरलता, सुरक्षा एवं प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ और वे समुदाय में स्क्रीनिंग को अधिक प्रभावी ढंग से प्रोत्साहित कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जागरूकता सत्र, स्क्रीनिंग विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा प्रतिभागियों हेतु निःशुल्क एचपीवी-डीएनए जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। एचपीवी-डीएनए जांच किट एनसीआई-एम्स बाढ़सा द्वारा निःशुल्क प्रदान की गईं, जो सुरक्षित, उपयोग में सरल तथा एचपीवी के उच्च-जोखिम स्ट्रेन्स की पहचान में प्रभावी हैं।
कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित (2025) डॉ. नीरजा भाटला, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु, डॉ. हरि सागी राजू, डॉ. प्रदीप, डॉ. प्रिया शर्मा, सीएपीडी टीम, एनसीआई-एम्स की प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी टीम तथा एनसीडी स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही।
