नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026
देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश
देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ा फैसला आया है। यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर शीर्ष अदालत ने तुरंत रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ कहा:
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नियम अस्पष्ट हैं
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दुरुपयोग की आशंका है
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तब तक 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे, जब तक अगला आदेश नहीं आता
UGC Regulation 2026 और विवाद
सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नए “इक्विटी रेगुलेशन 2026” पर सख्त रुख अपनाते हुए इसे फिलहाल लागू करने से रोक दिया।
यह नियम 23 जनवरी 2026 को अधिसूचित किए गए थे, जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना बताया गया था।
लेकिन इन नियमों को लेकर देशभर में विरोध देखने को मिला। कई याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें इन्हें मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ बताया गया।
सुनवाई और CJI सूर्यकांत की टिप्पणी
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि नए नियम अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग का खतरा है।
CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी की:
“आजादी के 75 साल बाद भी क्या हम जातिविहीन समाज नहीं बना पाए?
क्या हम एक प्रगतिशील समाज से पीछे की ओर जा रहे हैं?”
याचिकाकर्ताओं की दलीलें
याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन ने तर्क दिया कि UGC Act की धारा 3(C) यह मानकर चलती है कि सामान्य वर्ग के छात्र ही भेदभाव करते हैं, जो अपने आप में असंवैधानिक धारणा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नए नियमों में रैगिंग जैसे गंभीर मुद्दों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जबकि 2012 के नियम इस मामले में ज्यादा व्यापक हैं।
विष्णु शंकर जैन ने कहा:
“क़ानून यह नहीं मान सकता कि भेदभाव सिर्फ एक वर्ग के खिलाफ होगा।”
जस्टिस जॉयमाल्य बागची का मत
जस्टिस बागची ने भी चिंता जताते हुए कहा कि जब पहले से ही 3 ‘E’ यानी Equality, Equity और Equal Opportunity मौजूद हैं, तो फिर 2 ‘C’ की जरूरत क्यों महसूस हुई?
कोर्ट ने साफ कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में एकता दिखनी चाहिए, न कि विभाजन।
सरकार और समिति का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और सुझाव दिया कि कुछ प्रतिष्ठित लोगों की एक समिति बनाकर इन नियमों की दोबारा समीक्षा की जाए। इसका उद्देश्य है कि समाज बिना किसी वर्गीय या जातिगत विभाजन के आगे बढ़ सके।
फिलहाल की स्थिति और अगली सुनवाई
फिलहाल:
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UGC Regulation 2026 पर रोक जारी रहेगी
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2012 के नियम लागू रहेंगे
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अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी
