गुरुग्राम,24 फरवरी । सीबीआई के डर से दूसरी मंजिल से कूदने वाले बिल्डर के घर से सीबीआई को एक पिस्टल, 24 कारतूस व एक्सपायर लाईसेंस मिला है। वहीं जांच में एक कारतूस मिस भी मिला है।

सीबीआई इंस्पेक्टर की शिकायत पर बादशाहपुर पुलिस ने बिल्डर पर अवैध रुप से हथियार रखने संबंधी केस दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी। एक बैंक से 109 करोड़ रुपए का घोटाला किए जाने के मामले में सीबीआई ने गुडग़ांव में बिल्डर के घर पर छापेमारी कर कार्रवाई की । सीबीआई की टीम ने देर शाम तक बिल्डर के घर जांच कर अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, गार्डेनिया इंडिया कंपनी द्वारा करीब 109 करोड़ रुपए का लोन लिया था। इस कंपनी के डायरेक्टर संजीव कुमार गुरुग्राम सेक्टर-72 की टाटा प्रिमंती सोसाइटी में रहते हैं। संजीव कुमार समेत डायरेक्टर मनोज कुमार, अनुपमा कुमारी, पूनम कुमारी, मैसर्स गार्डेनिया शेल्टर्स, फ्यूटेक शेल्टर इसमें गारंटर थे। इसके अलावा इसमें कुछ सरकारी अधिकारियों की भी मिलीभगत थी। इस घोटाले में 420, 120बी व प्रिवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट के तहत सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच के लिए सीबीआई वीरवार को गुडग़ांव के सेक्टर-72 पहुंच गई और यहां छापामार कार्रवाई की। जैसे ही सीबीआई ने यहां जांच शुरू कर दस्तावेज कब्जे में लेने शुरू किए तो बिल्डर संजीव कुमार शर्मा घबरा गए। वे सीबीआई से बचने के लिए बालकनी की ओर भागे और वहां से नीचे कूद गए। सीबीआई टीम ने एंबुलेंस मंगाकर घटना में घायल हुए बिल्डर को अस्पताल में भर्ती कराया।

बिल्डर के घर से सीबीआई को एक पिस्टल, 24 कारतूस व एक्सपायर लाइसेंस मिला है। पिस्टल के लाइसेंस को 26 नवंबर 2019 को आखिरी बार 1 जनवरी 2021 तक रिन्यू कराया गया था। संजीव कुमार ने 1 जनवरी 2021 के बाद से ही पिस्टल के लाइसेंस को रिन्यू नहीं कराया। वहीं उन्होंने 25 बुलेट इश्यू कराए थे, सीबीआई को मौके से 24 बुलेट ही मिले। जबकि एक बुलेट गायब है। ऐसे में सीबीआई इंस्पेक्टर रणधीर कुमार सिंह की शिकायत पर बादशाहपुर पुलिस ने बिल्डर पर अवैध रूप से हथियार रखने पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी।