विपक्ष और सत्ताधारी नेताओं ने बनाई दूरी
रेवाड़ी
दक्षिणी हरियाणा में विपक्ष और सत्ताधारी नेताओं की कमजोरी के चलते अपनी मांगों को लेकर किसान अहीर रेजिमेंट नगर निगम मानेसर मे चल रहे धरने को हरियाणा की खट्टर सरकार ने कुचल दिया, जिसका सबसे बड़ा कारण दक्षिणी हरियाणा में आपसी फूट सामने आ रही है. करीब 9 महीनों से दिल्ली जयपुर हाईवे पर अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है. इस अहीर रेजिमेंट के धरना प्रदर्शन को केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंदरजीत सिंह, हरियाणा के पूर्व मंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता राव नरबीर सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री अजय यादव के अलावा सत्ताधारी विपक्ष के बड़े नेता धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दे चुके हैं, मगर इसके बावजूद भी अहीर रेजिमेंट का धरना कमजोर होता जा रहा है. गुरुग्राम पुलिस प्रशासन की दबंगई और आपसी कमजोरी के चलते सरकार व पुलिस प्रशासन ने इस धरने को भी कुचलने का प्रयास किया. पुलिस प्रशासन द्वारा अहीर रेजिमेंट की मांग करने वाले युवकों को घरों से निकालकर जमकर पीटा. समर्थन करने वाले स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया डराने के लिए मुकदमे दर्ज कर दिए गए लेकिन जिन नेताओं ने अहीर रेजिमेंट को अपना समर्थन दिया था उन नेताओं ने दूरी बना ली चाहे वह सत्तापक्ष के हो चाहे विपक्ष की हो जिसका फायदा उठाकर गुरुग्राम जिला प्रशासन ने अहीर रेजिमेंट की मांग करने वाले धरने को कमजोर कर दिया.

किसानों का धरना भी समाप्ति की ओर
इनको भी दिया था सत्ताधारी नेताओं ने समर्थन
मानेसर में 8 महीनों से अधिक समय हो गया है. किसान अपनी भूमि बचाने के लिए मुआवजा बढ़ाने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. बड़ी-बड़ी पंचायतें की गई सत्ताधारी नेताओं ने अपना समर्थन धरना स्थल पर पहुंचा दिया है. लेकिन इनके साथ भी अहीर रेजिमेंट जैसी घटना घटी इनको पुलिस के जवानों ने घसीटा और हल्का बल प्रयोग किया. किसान अपनी भूमि बचाने के लिए सरकार से लगातार मांग करते आ रहे हैं,यहां तक कि मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं मगर यहां भी आपसी कमजोरी के चलते किसानों का धरना कमजोर हो गया और सरकार ने विधानसभा में अट्ठारह सौ 10 एकड़ के किसानों को 2 करोड ₹67 देने की घोषणा की जबकि दिल्ली जयपुर हाईवे के पास की भूमि के बाजार के रेट 3 से 4 करोड रुपए प्रति एकड़ है मगर सरकार द्वारा 50 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से अधिग्रहण की है जिसका मुआवजा बढ़ाकर अब ₹2 करोड 67 लाख देने की बात चल रही है मगर किसानों को मंजूर नहीं है जिला प्रशासन किसानों के इस धरने को भी दबंगई के चलते समाप्ति की ओर कर दिया है.

धरना स्थल पर मानेसर पुलिस ने अपना कब्जा जमाया धरना देने वाले ग्रामीणों को धमकाया
मानेसर के ग्रामीणों द्वारा नगर निगम के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने के लिए ग्रामीण सड़कों पर बैठ गए थे, मगर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को धमकाया और धरना स्थल पर अपना कब्जा कर लिया. इसके चलते मानेसर नगर निगम के खिलाफ चल रहे धरने को कमजोर कर वहां पर पुलिस ने कब्जा कर ग्रामीणों के धरने को भंग कर दिया, जिसके चलते दक्षिणी हरियाणा में अपनी अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करने वाले की हवा निकल गई.
