गुरुग्राम
गुरुग्राम जिले के कस्बा फरुखनगर में डीटीपी विभाग द्वारा अवैध कॉलोनियों पर पीला पंजा चलाया गया जिससे कई बने अवैध आलीशान मकान ध्वस्त हो गए. अवैध कॉलोनी वाले चिल्लाते रहे लेकिन डीटीपी मनीष यादव का बुलडोजर नहीं रुका. क्योंकि अवैध रूप से अवैध कॉलोनियों का विस्तार खासकर फरुखनगर कस्बे में किया जा रहा है जिस पर कई दिनों से डीटीपी मनीष यादव की नजर थी. और लगाता जिला प्रशासन को अवैध कालोनियों के विस्तार की जानकारी मिल रही थी.

डीटीपी विभाग की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया अवैध कालोनियों किसी भी सूरत में नहीं बढ़ने दिया जाएगा और जो अवैध कॉलोनी का विस्तार करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कॉलोनी को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाएगा इतना ही नहीं फरुखनगर के साथ-साथ पटौदी में भी अवैध कालोनियों का विस्तार तेजी से बढ़ रहा है उन पर भी डीटीपी विभाग की लगातार नजर बनी हुई है जिन कालोनियों को ध्वस्त कर दिया गया था और दोबारा से फिर खड़ा किया गया है उनको भी तोड़ा जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो लगातार अवैध कॉलोनियों का विस्तार कर रहे हैं.
गांव गांव बोडा कला में अवैध कॉलनियों का विस्तार जोरों पर
जिले के सबसे बड़े गांव बोड़ा कला में सत्ता से जुड़े कुछ लोग अवैध कालोनियों का विस्तार कर रहे हैं जिसके चलते इस गांव में अवैध कॉलोनियों का विस्तार तेजी से बढ़ रहा है कोई रोक-टोक नहीं है अवैध कॉलोनी माफियाओं ने जगह-जगह आपने कार्यालय खोले हुए हैं और लोगों को धोखे से अवैध कालोनियों में प्लाट वितरित कर रहे हैं यहां तक की प्लाटों की रजिस्ट्री तक की भी जिम्मेवारी अवैध कॉलोनी माफिया ले रहे हैं जिससे अन्य प्रदेशों के विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले सरकारी विभागों में छोटे पदों पर काम करने वाल कर्मचारी अपने खून पसीने की कमाई के पैसे इन अवैध कालोनियों में पानी की तरह बहा रहे वैसे तो प्रशासन की तरफ से बार-बार शक्ति बढ़ती जा रही है मगर अवैध कॉलोनी माफिया प्रशासन के सभी दावों को ध्वस्त करते हुए अवैध कॉलोनी का विस्तार करने में लगे हुए हैं.

कई बार तोड़ने के बावजूद अवैध कॉलोनियों में आलीशान मकानों का निर्माण जोरों पर है
जिला प्रशासन द्वारा कई बार अवैध कॉलोनियों को तोड़ा गया है लेकिन इस सबके बावजूद कुछ अधिकारियों से मिलीभगत कर अवैध कॉलोनी माफिया मकानों का निर्माण शुरू किए हुए हैं कई मकान 3से 4 पर तोड़े गए लेकिन फिर इन अवैध कालोनियों में निशान मकान तैयार किए जा रहे हैं सूत्रों की माने तो कुछ सत्ताधारी तो कुछ विपक्ष के कार्यकर्ता नेता इन अवैध कालोनियों के सूत्रधार है पुलिस के छोटे से अधिकारी से लेकर थाने के बड़े अधिकारी तक इनका साथ देते हैं और जैसे ही कोई डीटीपी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की बात होती है तो इन्हें पहले ही बता दिया जाता है इसके चलते अवैध कॉलोनियों का निर्माण चल रहा है.