- भारत के हित में दस कानून बनाएं केंद्र सरकार : विजय सोमाणी
- कश्मीर फाइल और केरला स्टोरी देखने मात्र से जिहाद और धर्मांतरण खत्म नही होगा : सोमाणी
- भारत में एक देश एक विधान एक संविधान की नितांत आवश्यकता है : विजय सोमाणी
पटौदी:राष्ट्रीय नव चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जननेता विजय सोमाणी ने कहा कि कश्मीर फाइल और केरला स्टोरी देखने मात्र से न जिहाद खत्म होगा न ही धर्मांतरण। इसके लिए सभी को जागरूक होकर पार्टी के बंधनो से ऊपर उठकर एक स्वर में एक देश एक विधान बनाने की मांग करनी पड़ेगी. वें पत्रकारों से देश में फैले आतंकवाद और धर्मांतरण जैसे जवलंत मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे. जननेता विजय सोमाणी ने कहा कि जिस तरह कैंसर पर चर्चा करने से कैंसर ठीक नही होता. उसके लिए कीमोथेरेपी या ऑपरेशन करना पड़ता। उसी प्रकार कश्मीर फाइल देखने से जिहाद खत्म नही हुआ. केरल स्टोरी देखने से धर्मांतरण खत्म नही होगा. जिहाद, मजहबी उन्माद, धर्मांतरण रोकने के लिए भारत सरकार को तत्काल दस कानून बनाने की जरुरत है. एक देश एक दंड संहिता। एक देश एक कर संहिता। एक देश एक शिक्षा संहिता। एक देश एक चुनाव संहिता। एक देश एक पुलिस संहिता। एक देश एक न्यायिक संहिता। एक देश एक नागरिक संहिता। एक देश एक धर्मस्थल संहिता. एक देश एक जनसंख्या संहिता। एक देश एक प्रशासनिक संहित .इससे हमारा देश में एक रूपता शांति सदभाव कायम होगा. विजय सोमाणी ने कहा कि हमारे देश का 1947 में मजहबी आधार पर विभाजन हुआ. तब 75 वर्ष पहले भारत से पाकिस्तान बना था. लेकिन उसके बाद भी आज भारत में केवल 75 वर्षो बाद नौ राज्यों में हिंदू अल्प संख्यक हो चुके है .दो सौ जिलों से पलायन कर चुके है.अगर ये दस कानून शीघ्र ही लागू नही किए गए तो अगले 20 से 25 वर्षो में अनेक राज्यों के हालात पर मूवी बनेगी और हम उसको देखकर केवल पछताने के अलावा कुछ नही कर पाएंगे.