हिसार :हिसार (सी एम ग्रोवर -प्रैसवार्ता,ह भू) एंटी करप्शन ब्यूरो (ऐ सी बी) के राडार पर आये आई ए एस विजय दहिया और डी सुरेश के बाद चीफ ड्रग कंट्रोलर मनमोहन तनेजा पर ऐ सी बी का कानूनी शिकंजा कसने के आसार नजर आने लगे हैं. ब्यूरो के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने के लिए कुछ विभागीय नियमावली में बदलाव किया है, ताकि आमजन का सहयोग मिल सके। मनमोहन तनेजा पर पानीपत के एक अधिवक्ता यशपाल ने आरोपों की बौछार करते हुए ऐ सी बी को शिकायत दी है कि हरियाणा में बनी कब सिरप से अफ्रीकी देशों में 66 बच्चों की मौत को लेकर जांच होने से पहले ही सैंपल बदलने में करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है, जिसमें कुछ विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त की दवा विक्रेताओं की भी भागीदारी है. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मनमोहन तनेजा ने सरकारी पद पर रहते हुए अंबाला के बलदेव नगर में एक फार्मा कंपनी लगाने तथा की कंपनियों में अपनी बेनामी भागीदारी की हुई है। इस अधिकारी पर विवादित मैडेन फार्मास्युटिकल कंपनी मालिक से करोड़ों रुपए का लेन-देन कर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जांच से पहले ही जांच को प्रभावित करने के लिए सैंपल बदलवाये है. अधिवक्ता यशपाल ने सैंपल रिकाल कर सरकारी लैब से पुनः जांच करवाने तथा तनेजा के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग करते हुए कहा है कि रोहतक में पदस्थ रहते हुए कार्यालय से फाईल गुम होने के सफर से लेकर एक दिसंबर दो हज़ार इक्कीस को चीफ ड्रग कंट्रोलर के पद पर आसीन होने से अबतक के सफर में उनपर भ्रष्टाचार से करोड़ों रुपए की संपत्ति बनाने में तथा इस काम में हाथ देने वाले कई अधिकारियों तथा दवा कंपनी मालिकों का भी शिकायत में जिक्र किया है.