फरीदाबाद:दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद शहर के पुलिसकर्मियों की लापरवाही देखिए। बीके सिविल अस्पताल के बंदी वॉर्ड से मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे हत्या के मामले में नामजद दिव्यांग आरोपी फरार हो गया। नवीस के कूल्हे में दिक्क्त है, इसलिए वॉकर की सहायता से चलता है। मंगलवार सुबह उसने पुलिस कर्मियों से अस्पताल के गलियारे में सैर करने की बात कही, जिसपर पुलिसकर्मियों ने उसे टहलने दिया। इस दौरान पुलिसकर्मी इधर-उधर टहलने लगे। नवीस को इस दौरान मौका मिला और ध्यान भटका कर लिफ्ट से नीचे उतरा और वाकर के सहारे धीरे-धीरे चल बाहर निकल गया।
हत्यारोपित के फरार होने का एक सीसीटीवी फुटेज भी समाने आया है, जिसमें वह लिफ्ट से नीचे उतरने के बाद धीरे-धीरे चलते हुए बाहर निकलता हुआ दिख रहा है। इसके बाद वह ऑटो में बैठकर वहां से फरार हो जाता है।वहीं, नवीस की उसके स्वजन व अन्य संपर्क वालों से पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक इस कैदी की सुरक्षा में तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। लेकिन रात को उसके पास एक ही मौजूद था। वह भी वार्ड का दरवाजा लॉक किये बिना सो रहा था। बीके अस्पताल में गार्द के चंगुल से पहली बार कोई कैदी नहीं भागा है। पहले भी कैदियों के फरार होने की घटनाएं हो चुकी हैं। यदि इस कैदी की सुरक्षा में चार पुलिस कर्मी तैनात थे। लेकिन कैदी के फरार होने के दौरान एक कर्मी मौजूद था, वह भी सोया हुआ था। यदि कर्मी सतर्क रहते तो बीमार कैदी भागने में कामयाब नहीं होता। तो वही बताया जा रहा है की गार्द इंचार्ज ईएसआई प्रमोद सहित सिपाही मुकेश, देवेंद्र, ओमप्रकाश व जश्नप्रीत की लापरवाही पाए जाने पर निलंबित किए जा चुके है।
कैदी के फरार होने की सूचना मिलने पर एसीपी क्राइम अमन यादव अपनी टीम के साथ बीके अस्पताल में पहुंचे और मौके का मुआयना किया। उन्होंने मीडिया को बताया कि कैदी छह-सात दिनों से दाखिल था। जांच में लापरवाही उजागर होने पर दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। फरार कैदी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है। जल्दी उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।