शिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक बहुत बड़ा पर्व है, यह त्योहार हर वर्ष चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इसी दिन भगवान् शिव ने देवी पार्वती से विवाह किया था इसके अलावा बताया जाता है कि जब देवता और राक्षस अमृत की खोज में समुद्र मंथन कर रहे थे तब मंथन से विष निकला था और स्वयं भगवान शिव ने विष पी कर उसे अपने कंठ में रोक लिया था जिस वजह से उनका शरीर नीला पड़ गया था । विष पीकर उन्होंने सृष्टि और देवतागण दोनों को बचा लिया था तो इसलिए भी शिवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है।
वैसे तोे महीने की हर चतुर्दशी को मास शिवरात्रि आती है, लेकिन सावन शिवजी का महीना है, इसलिए इसका महत्व विशेष होता है. सावन शिवरात्रि के दिन व्रत, उपवास,मंत्र जाप और रात्रि जागरण बहुत ही शुभ माना जाता है। सावन मास में शिव भक्त कांवड़ लाते है और शिवरात्री पर शिवलिंग पे जल अर्पित करते हैं।आपको बता दे कि इस बार सावन की शिवरात्री 15 जुलाई को पड़ रही है।
पूजन का शुभ मुहूर्त।
वैसे तो महाशिवरात्रि की पूजा पूरे दिन और चारों पहर होती है, यदि आप पहर के आधार पर पूजा करना चाहते हैं तो, प्रथम शुभ मुहूर्त शाम 7.21 बजे से रात 9.54 बजे तक रहेगा, द्वितीय शुभ मुहूर्त रात 9.54 बजे से देर रात 12.27 बजे तक (16 जुलाई) रहेगा,तृतीय शुभ मुहूर्त 12.27 बजे से देर रात 03.00 बजे तक (16 जुलाई) रहेगा, और चतुर्थ शुभ मुहूर्त रात 3.00 बजे से सुबह 05.33 बजे तक (16 जुलाई) रहेगा।