- करोड़ो का मालिक है गोपाल कांडा
- गुरुग्राम,9 अगस्त : हरियाणा के सिरसा के विधायक गोपाल कांडा पर E की रेड हुई है। सुबह 7 बजे ED की टीमें उनके गुरुग्राम स्थित घर और एयरलाइंस कंपनी MDLR ऑफिस पहुंची। जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उनके यहां डॉक्यूमेंट खंगाले जा रहे हैं।
- बता दे कि गोपाल कांडा हरियाणा लोकहित पार्टी के मुखिया हैं और वे सिरसा विधानसभा से विधायक हैं। हरियाणा की BJP और जजपा की गठबंधन सरकार को वे बाहर से समर्थन दे रहे हैं। उनके भाई गोविंद कांडा भाजपा में हैं। कुछ दिन पहले ही कांडा बहुचर्चित गीतिका एयरहोस्टेस सुसाइड केस से बरी हुए थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से दिल्ली जाकर मुलाकात की। इसके बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि कांडा को हरियाणा सरकार में मंत्रीपद मिल सकता है। कांडा खुद भी इसके इच्छुक बताए जा रहे हैं लेकिन अब अचानक केंद्रीय एजेंसी ED की रेड पड़ गई। फिलहाल कांडा या ED की तरफ से इस रेड को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
- करोड़ो का मालिक है गोपाल कांडा
- विधायक गोपाल कांडा करोड़पति हैं। उनके 2019 के विधानसभा चुनाव में दाखिल एफिडेविट के मुताबिक कांडा के पास करीब 70 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। सिरसा में करीब ढाई एकड़ में उन्होंने अपना महल बनवा रखा है जिसके अंदर हेलिकॉप्टर उतरने तक की सुविधा उपलब्ध है। इस महल की कीमत करोड़ों में है। कांडा का गोवा में भी बिग डैडी नाम से कैसीनो चलता है। उन्हें गोवा का कैसीनो किंग भी कहा जाता है। एक समय कांडा का कैसीनो गोवा में समुद्र के अंदर खड़े रहने वाले शिप पर चलता था। गोपाल कांडा की कंपनी मैसर्स गोल्डन ग्लोब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के इस शिप में उनका कैसीनो रियो चलता था और यह शिप गोवा की मंडोवी नदी में खड़ा रहता था।

- गुरुग्राम से किया था करोड़पति बनने का सफर शुरू
- कांडा के करोड़पति बनने का असली सफर साइबर सिटी गुरुग्राम से वर्ष 2000 के आसपास शुरू हुआ। उस समय राज्य में ओमप्रकाश चौटाला की अगुवाई में इंडियन नेशनल लोकदल की सरकार थी। उस समय कांडा INLD सुप्रीमो चौटाला के बेहद करीब थे। चौटाला सरकार के दौरान ही कांडा ने सिरसा जिले में तैनात रहे एक IAS अफसर से हाथ मिलाया। उसी समय सिरसा में तैनात रहा वह आईएएस अफसर भी गुरुग्राम में हुडा का प्रशासक लग गया। उससे दोस्ती का फायदा उठाते हुए कांडा ने गुरुग्राम में प्लाटों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी। चौटाला सरकार में कांडा के राजनेताओं से अच्छे संबंध बन गए।
- यह वो दौर था जब गुरुग्राम तेजी से डवलप हो रहा था और बड़ी-बड़ी कंपनियां वहां अपने कार्पोरेट दफ्तर खोल रही थी। गोपाल कांडा को इस डवलपमेंट का जमकर फायदा मिला।