दिल्ली , छेड़छाड़, वेश्या, हाउस वाइफ, देह व्यापार जैसे कई शब्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। ये शब्द अदालती कार्यवाही के दौरान कानूनी शब्दावली से बाहर हो जाएंगे। इन शब्दों की बजाय कौन से शब्द इस्तेमाल होंगे, इसके लिए एक पूरी पुस्तिका जारी की गई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा- “यह न्यायाधीशों और कानूनी समुदाय को कानूनी चर्चा में महिलाओं के बारे में रूढ़िवादी सोच को पहचानने, समझने और बदलने में सहायता करने के लिए है।
सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए प्रयोग होने वाले आपत्तिजनक शब्दों पर रोक लगाने के लिए हैंडबुक लॉन्च की है। इसमें 43 रूढ़िवादी शब्दों और करीब इतने ही असम्मानजनक वाक्यांश और पूर्वाग्रह वाले वाक्यों का इस्तेमाल ना करने के बारे में निर्देश दिया गया है। साथ ही उन शब्दों की जगह वैकल्पिक शब्दों और भाषा का सुझाव दिया है। यह हैंडबुक देशभर के जजों और कानून से जुड़े लोगों को समझाने और महिलाओं के प्रति गलत शब्दों के इस्तेमाल से बचने की सलाह देती है।