किसानों के चेहरे खिले
नई दिल्ली। सावन के आखिरी समय में दिल्ली एनसीआर में नहीं भारतवर्ष में मौसम में बदलाव आ गया जहां दिल्ली एनसीआर में झमाझम रही वही उत्तराखंड हिमाचल जम्मू के अलावा अन्य प्रदेशों में तेज बरसात ने सड़कों को जल मग्न कर दिया नदिया उफान पर आ गई उत्तराखंड, हिमाचल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया और दिल्ली एनसीआर में पूरे दिन बरसात धीरे-धीरे होती रही।
सावन की बरसात में किसानों के चेहरे खिल उठे क्योंकि किसने की बाजरे की फसल सूख रही थी बरसात ने बाजरे की फसल में खाद का काम किया और किसानों को अपनी फसल के प्रति आस्था बन गई।
दिल्ली के साथ लगते हुए गुरुग्राम में देर रात से ही झमाझम हो रही है बरसात के झमाझम होने से जहां नगर निगम जीएमडीए के अधिकारियों में बेचैनी दौड़ गई वहीं दिल्ली जयपुर हाईवे पर नगर निगम के ओर से पानी निकासी के लिए बड़े-बड़े जनरेटर लगा दिए गए निगम की और से कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई जिससे हाईवे पर पानी नहीं भरे।
ट्रैफिक पुलिस भी तैनात बरसात में कहीं जाम न लग जाए
दिल्ली हरियाणा की ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलने के लिए कहीं जाम न लग जाए पुलिस के जवान जगह तैनात किए गए हैं जहां पानी का जल भराव होता है वहां पर ट्रैफिक पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है अधिकतर दिल्ली जयपुर हाईवे पर पानी भर जाता है और सोहना मुंबई एक्सप्रेस के निचले स्तर पर पानी भरने के चलते जा जाम लग जाता है वहां पर भी ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था की गई है।
बरसात से कच्ची कॉलोनी में रहने वाले परिवार परेशान
बरसात के पानी से अधिकतर कच्ची कॉलोनी में रहने वाले परिवार परेशान रहते हैं क्योंकि वहां पर ने पानी की निकासी है ना शिविर व्यवस्था है और घर काफी गहरे गड्ढे में है जिसके चलते बरसात का पानी भर जाता है वैसे तो गुरुग्राम में बरसात का पानी बसई रोड खांडसा रोड के अलावा कई ऐसी जगह है जहां पर पानी छोड़कर रूप धारण कर लेता है घरों में पानी भर जाता है घरेलू सामान पानी में डूब जाता है लेकिन इसकी और ध्यान नहीं दिया जाता क्योंकि वह माफियाओं द्वारा अवैध कालोनी काटी गई है उसे पर ना सरकार का ध्यान है और नहीं जिला प्रशासन का इन कॉलोनी में रहने वाले परिवार कई बार पानी में रात गुजारने पर मजबूर हो जाते हैं।