- जिला पुस्तकालय में भेंट की विभिन्न विषयों की सैंकडों प्रतियोगी पुस्तकें
गुरुग्राम, 8 सितंबर।
आजादी के अमृत काल में कोई भी क्षेत्र सामाजिक उत्थान के अभियान से अछूता ना रहे इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों की संस्थाएं आगे आकर प्रमुखता से अपना योगदान दे रही हैं। इसी क्रम में अपने अनूठे हुनर से होने वाली आय से सामाजिक उत्थान की अलख जगा रही शिरिन बत्रा ने जिला पुस्तकालय में विभिन्न विषयों व प्रतियोगी परीक्षाओं संबंधी सैकडों पुस्तकें भेंट की। शुक्रवार को विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं का आहवान किया कि वे जरूरतमंदों की सहायता कर अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करें।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी शिरिन बतरा शौकिया तौर पर पेंटिंग करती हैं। इन पेंटिंग का बिक्री से प्राप्त होने वाली आय को वह सामाजिक कार्यों पर खर्च करती हैं। उन्होंने अपना लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के मूल ढ़ांचे को सही करने में अपना योगदान देने का निर्धारित कर रखा है। इसी क्रम में उन्होंने सिविल लाइन स्थित जिला पुस्तकालय को विभिन्न विषयों से जुड़ी सैंकडों पुस्तकें भेंट की। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें भी शामिल हैं। शिरिन ने विश्वास जताया कि ये पुस्तकें युवाओं को अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रोत्साहित करेंगी। कार्यक्रम में शिरिन बत्रा ने कहा कि अगर हमें समाज मे सुधार और सकारात्मक बदलाव लाना है तो शिक्षा उसका श्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने युवा शक्ति से आह्वान करते हुए कहा कि अगर आप जीवन मे थोड़े बहुत भी सक्षम है तो किसी जरूरतमंद परिवार के बच्चों को फ्री में ट्यूशन पढ़ाकर भी अपना योगदान दे सकते हैं। या फिर जरूरमंद परिवार के बच्चे को स्कूल भेजकर और पढ़ाई संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। इसके साथ ही अपने बच्चे की पुरानी किताबें जरूरतमंद को दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की अनेक ऐसी योजनाएं हैं जो जरूरमंद परिवारों के लिए कल्याण के लिए बनी हैं लेकिन जानकारी के आभाव में लोग इन सेवाओं का लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए इस तरह की योजनाओं की जानकारी भी जरूरतमंद परिवारों को देकर भी लोगों की सहायता की जा सकती है।
डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरियन नरेश दलाल ने पुस्तक प्राप्त कर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अति उपयोगी पुस्तकों के सहयोग से हमारे छात्र-छात्राओं का ज्ञानवर्द्धन होगा जिससे उनमें स्वस्थ प्रतियोगी भावना का विकास होगा। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार बत्रा, उषा बत्रा, गुंजन बत्रा, जिला पुस्तकालय से सतीश कुमार, अनिल कुमार, श्रीमती सौरभ व तकदीर सहित काफी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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नियमित रूप से देती हैं योगदान
शिरिन बतरा का परिवार तीन पीढ़ियों से रेस्ट्रो बिजनेस से जुड़ा है। शिरिन भी इसी कार्य में हाथ बंटाती हैं। पूरा परिवार समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से सेवा भाव के साथ सामाजिक उत्थान अभियानों में अपना योगदान देता है। इसी से प्रेरणा लेकर साल 2020 में शिरिन ने ‘हार्ट’ नाम से एक एनजीओ की शुरूआत की, जिसके बाद से वह नियमित रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य व पर्यावरण संबंधी कार्यों में अपना योगदान देती आ रही हैं। इससे पहले भी वह इसी तरह पेंटिंग से होने वाली आय को सामाजिक कार्यों पर खर्च करती रही हैं।