नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजनीति वैसे तो दो ध्रुवों के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। एक तरफ भाजपा और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और काँग्रेस भी । अगर आप करीब एक दशक की चुनावी राजनीति देखें तो कई छोटे दलों ने अपनी अलग छाप छोड़ी है। ये वो दल हैं जो सपा, हो या भाजपा हो या कोई भी राजनीतिक पार्टी हो उन लोगों के लिए जरूरत बनकर उभरे हैं। इनमें डॉ संजय निषाद एक प्रमुख नाम है। जिनकी निषाद पार्टी यानि निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल ने समाजवादी पार्टी से लेकर भाजपा को सहारा दिया। डॉ संजय निषाद इस समय एमएलसी हैं और योगी सरकार में मत्स्य पालन मंत्री। उनके बेटे प्रवीण निषाद संतकबीर नगर से भाजपा सांसद हैं, जबकि दूसरे बेटे सरवन कुमार निषाद चौरीचाैरा सीट से विधायक हैं। वैसे संजय निषाद की एक होम्योपैथी डॉक्टर से उत्तर प्रदेश की राजनीति अहम हिस्सा बनने के सफर की कहानी काफी रोचक है।
डॉ संजय निषाद का जन्म गोरखपुर के कैंपियरगंज में हुआ। उनके पिता सेना में सूबेदार थे और मां गृहणी थीं। 1988 में संजय निषाद ने कानपुर विश्वविद्यालय से बीएमएच की उपाधि प्राप्त की ओर गोरखपुर में क्लीनिक खोलकर अभ्यास शुरू किया। इस दौरान व इलेक्ट्रो होम्योपैथी विधि को मान्यता के लिए संघर्ष भी कर रहे थे। धीरे-धीरे वह राजनीति की तरफ बढ़े। 2008 में वह बामसेफ से जुड़े और संजय निषाद ने मछुआ समुदाय की 553 जातियों को जोड़ने की मुहिम शुरू की। उन्होंने ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनोरिटी वेल्फेयर मिशन और शक्ति मुक्ति महासंग्राम नाम के दो संगठन भी बनाए। साथ ही निषाद एकता परिषद भी बनाई। इस मुहिम का असर ये हुआ कि संजय निषाद की पहुंच पूर्वांचल के कई जिलों तक हो गई। इसी के बाद उन्होंने 2016 में निषाद पार्टी की स्थापना की। कैंपियरगंज से पहली बार विधानसभा चुनाव भी लड़े, लेकिन जीत नहीं मिली।
राजनीति जीवन का ‘टर्निंग प्वाइंट’
2015 का साल डॉ संजय निषाद के राजनीति जीवन का टर्निंग प्वाइंट माना जाता है। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस दौरान गोरखपुर जिले में सहजनवां के कसरवल में जून महीने में एक प्रदर्शन हुआ। ये प्रदर्शन राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के आह्वान पर हुआ। इसमें निषादों को सरकारी नौकरी में 5 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की मांग की जा रही थी। सैकड़ों लोगों ने गोरखपुर सहजनवा रेलवे लाइन पर जाम लगा दिया। बाद में प्रदर्शन ने उग्र रूप धारण किया और पथराव हो गया। पुलिस की तरफ से कई राउंड फायर हुए। इसमें एक युवा की मोत हो गई और बवाल भड़क गया। प्रदर्शन में डीजीआईजी और एसपी समेत कई लोग घायल हो गए। इस कांड में डॉ संजय निषाद सहित कुल 36 लोगों के खिलाफ मुकदमा हुआ। डॉ संजय निषाद ने बाद में कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
हाथी की स्कूल में पड़े तो हाथी के बच्चे हीरो और हम जीरो , साइकिल के स्कूल में पढ़ने गए तो साइकिल वालों के बच्चे हीरो पर हम जीरो
डॉ संजय निषाद ने बताया कि उन्होंने अपनी निषाद समुदाय के बच्चों को पढ़ाते हुए देखा तो । जब कांग्रेस या सपा पार्टी या बसपा की सरकार थी । तो उनके ही बच्चे पढ़ के हीरो बन जाते थे । और हमारे समुदाय के बच्चे उसे स्कूल में पढ़ के जीरो बन जाते थे इसलिए मैंने सोचा कि अब मैं अपना अलग ही इंस्टिट्यूट बनाऊंगा और मैंने ऐसा किया आज के समय में हमारे समुदाय के बच्चे बहुत नाम कमा रहे हैं और अपने समुदाय का नाम रोशन कर रहे हैं ।
डॉक्टर संजय निषाद ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश की जनता से और निषाद पार्टी से अपील करते थे कि साइकिल हाथी का बटन दबाना बंद करो नहीं तो नौकरी चली जायेगी और महंगाई आ जाएगी क्यों कि पंजा दबाओगे तो मर जाओगे और अगर हाथी का बटन दबाया तो हाथी हीरो और तुम जीरो और साइकिल का बटन नहीं दबाया तो साइकिल पंचर इसलिए वहां के लोगों ने उत्तर प्रदेश में बदलाव किया तो हाथी और पंजा साफ और साईकल हाफ हो गई । और भाजपा साथ हो गई इसलिये उत्तर प्रदेश मे बड़ा परिवर्तन हुआ तो उत्तर प्रदेश चमक गया ।
बसपा और कांग्रेस और सपा पार्टी सब ने दिया धोखा
डॉक्टर निषाद ने बताया कि वह सब पार्टी के साथ काम कर चुके हैं । लेकिन सब पार्टी ने हमको धोखा दे दिया वह पूरी मेहनत के साथ मिलकर काम करते थे लेकिन किसी भी पार्टी को आगे नहीं बढ़ने दिया । इसलिए मैंने अपनी सोच बदली और भाजपा के साथ जुड़कर काम करने लगा और मैं अपने मेहनत के वजह से ही कैबिनेट मंत्री बना ।
योगी की सरकार में मंत्रियों की चलती है कि नही
डॉक्टर निषाद ने बताया कि 70 साल तक कांग्रेस की सरकार थी तो वो लोग ही ऐसी सोच रखते थे । उदाहरण देते हुए बताया कि मैं एक बहुत ही छोटे परिवार से आता हूं । और आज मैं खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में हु । अगर ऐसा होता तो मैं आज भी एक नदी के किनारे ही होता ना कि मंत्रिमंडल में आज के दिन बस मेरे खुद 11 विधायक कैसे हो जाते । यह सब अन्य राजनीतिक पार्टियों की चाल है । उनका काम क्या है बस आरोप लगाना वो लगाते रहे और भाजपा उत्तर प्रदेश का विकाश करते रहेगी । और मैं योगी जी को धन्यवाद दूंगा कि उनके जैसे मुख्यमंत्री बहुत ही कम मिलते हैं ।