बाल कल्याण समिति के संरक्षण में है पीडि़ता
सिरसा,16 अक्तूबर। नाबालिग बच्चियों के सहायतार्थ बनाई गई बाल कल्याण समिति की टीम ने नाथूसरी चोपटा थाना क्षेत्र के गांव चाडीवाल में नाबालिग बच्ची के साथ उसके ही चाचा द्वारा दुष्कर्म कर गर्भवती करने व उसके बाद अबॉर्शन किए जाने के मामले का पटाक्षेप किया है। पीडि़ता की माँ की कुछ समय पहले मौत हो चकी है।
फिलहाल पीडि़ता के परिवार में उसके पिता, वृद्ध दादा व उसकी छोटी बहन है। बाल कल्याण समिति ने पीडि़ता व उसकी छोटी बहन को अपने संरक्षण में ले लिया है।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा अनीता वर्मा ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली कि चाडीवाल गांव में एक नाबालिग बच्ची माँ की मौत के बाद अपने पिता, दादा व छोटी बहन के साथ रहती है। पीडि़ता के अनुसार परिवार में ही उसकी चाची ने एक दिन उसे अपने पति के साथ कमरे में बंद कर दिया। उसके चाचा ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया और इस बारे किसी को बताने पर धमकी दी। पीडि़ता ने हालांकि अपने पिता को इस बारे में बताया, लेकिन पिता ने संज्ञान लेने की बजाय उसे ही चुप रहने को कहा। कुछ दिन पूर्व जब उसके पेट में दर्द हुआ तो जांच करवाने पर पता चला कि वह 4 माह से गर्भवती है। इस पर आरोपी चाचा ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बिना परिजनों को बताए उसका अबॉर्शन करवा दिया।
बाल कल्याण समिति सदस्यों ने मिली सूचना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक टीम गठित की। टीम में डीसीपीओ स्टॉफ , एसजेपीयू, एएसटीयू को भी शामिल किया गया। समिति ने नाथूसरी चोपटा थाना प्रभारी को लिखित में आदेश दिए की टीम का सहयोग करते हुए पीडि़ता की छोटी बहन को भी समिति के संरक्षण में लाया जाए, क्योंकि उसके साथ भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। पूरी छानबीन के बाद समिति अध्यक्षा अनीता वर्मा, पूर्णिमा मोंगा, सोनिया मित्त्तल के साथ पीडि़ता के घर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि पीडि़ता ननिहाल में है। इस पर समिति अध्यक्षा अनीता वर्मा ने तुरंत पुलिस को ननिहाल से पीडि़ता को लाने के आदेश दिए। पुलिस ने भी तत्परता से कार्रवाई करते हुए पीडि़ता को ननिहाल से लाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर दिया। काऊंसलर ने पीडि़ता की काऊंसलिंग की तो बातचीत में पीडि़ता ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी।