पुलिस का बलिदान किसी भी मायने में कम नही आंका जा चाहिए
गुरुग्राम, देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस का अहम भूमिका है। आज के परिवेश में पुलिस की अनुपस्थिति में एक सभ्य ओर सुरक्षित समाज की कल्पना नही की जा सकती। उक्त विचार गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने व्यक्त किये। अरोड़ा शनिवार को जिला पुलिस लाइन में पुलिस बलिदान दिवस के अवसर पर पुलिस शहीद फाउंडेशन हरियाणा द्वारा आयोजित मेगा मेडिकल कैम्प के शुभारम्भ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। पुलिस लाइन के खचाखच भरे मीटिंग हाल में आयोजित मेडिकल कैम्प में गुरुग्राम पुलिस के सभी आला अधिकारियों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने कहा कि आज देश और समाज को सुरक्षित रखने में पुलिस की भूमिका काफी बढ़ गई है, काफी चुनोतियो का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस का बलिदान किसी भी मायने में कम नही आंका जा चाहिए।
सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है और पुलिस समाज में कानून व्यवस्था
सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है और पुलिस समाज में कानून व्यवस्था और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए के लिए वचनबद्ध है। इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ो की संख्या में व्यक्तियों को कहा की वे समस्त अपराधों की सूचना पुलिस को दे, जिससे अपराधियो पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने कहा कि हम पुलिस के वीर बलिदानियों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते है और उन्हें सम्मान करते है। इस अवसर पर पुलिस शहीद फाउंडेशन हरियाणा के अध्यक्ष एडवोकेट आर एल शर्मा ने मंच संचालन करते हुए कहा कि पुलिस के बिना सुरक्षित समाज की हम सोच भी नही सकते। उन्होंने कहा कि बलिदानी चाहे सेना का या पुलिस का हो वह देश के लिए सम्मानीय है।
पूरे देश मे पुलिस विभाग द्वारा पलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है
शर्मा ने बताया कि 21 अक्टूबर को पूरे देश मे पुलिस विभाग द्वारा पलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। 1959 में जब देश की सीमाओं की रक्षा पुलिस के जिम्मे थी तब सीआरपीएफ के 10 जवानों की एक टुकड़ी को लदाख के दुर्गम पहाड़ो पर सीमा की रक्षा के लिए तैनात किया गया था, जब भारतीय पुलिस की टुकड़ी सीमा पर गश्त कर रही थी तब पड़ोसी दुश्मन मुल्क चीन की सेना की एक बड़ी ब्रिगेड ने अचानक घात लगाकर भारतीय सीआरपीएफ की 10 सदस्यीय टुकड़ी पर आधुनिक हथियारों से हमला बोल दिया। बहुत निडरता ओर बहादुरी से चीनी सेना के छके छुड़ा दिए लेकिन वे अधिक समय तक चीनी ब्रिगेड का सामना नही कर पाए और देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। तभी से आज तक देश मे जो भी पिलिस कर्मी समाज की रक्षा करते हुए बलिदान देता है उनकी याद में उन्हें नमन ओर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। पुलिस शहीद फाउंडेशन के महासचिव दीपक मैनी ने कहा की फाउंडेशन 2004 से ही पुलिस शहीद के परिवारों ओर सभी पुलिस कर्मचारियों के वेलफेयर के कार्य कर रही है। इस अवसर पर रिटायर्ड डीजीपी शील मधुर ओर डीजीपी चौधरी ने भी उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित किया।
121 पुलिस लाइन के रेजिडेंट ओर कर्मचारियों ने लाभ उठाया
मेडिकल कैम्प आर्टेमिस हस्पताल के सहयोग से किया गया जिसमें लगभग 121 पुलिस लाइन के रेजिडेंट ओर कर्मचारियों ने लाभ उठाया। मेडिकल कैम्प को सफल बनाने में अरतिमिस के मार्किटिंग जीएम फरीद खान व उनकी टीम के साथ साथ पुलिस लाइन के फर्मासिस्ट जय प्रकाश ने भूमिका निभाई। इस अवसर पर वरिष्ठ उधोगपति हरीश घई, फाउंडेशन के महासचिव दीपक मैनी, सचिव अमन गुप्ता, कोषाध्यक्ष चंदर प्रकाश भारद्वाज, पी के गुप्ता एस एस थिरियांन, कानूनी सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता हरकेश शर्मा, डॉ एस पी अग्रवाल, विनय गुप्ता, शेखर तनेजा, राजकुमार त्यागी, बनवारी लाल शर्मा, डॉ अंशुल ढींगरा, चांद राम शर्मा, श्रीपाल शर्मा, डॉ विनोद अग्रवाल, संत राम शर्मा, नरेंद्र चौधरी और रमेश बत्रा के साथ साथ गुरुग्राम पुलिस के सभी डीसीपी एसीपी ओर सभी थानों के प्रबंधक उपस्थित रहे।