9 साल का मनोहर काल, पेपर लीक गिरोह का अमृतकाल
9 साल का मनोहर काल, पेपर लीक गिरोह का अमृतकाल
खट्टर राज में ‘भर्तियों की शुचिता’ और सीएम के ‘बयानों की विश्वसनीयता’ – दोनों ही खत्म!
भर्ती घोटालों की जांच के नाम पर हर बार सत्ताधारी सफ़ेदपोश बचाए
खट्टर सरकार में HCS से लेकर चपरासी तक – हर भर्ती की मंडी चल रही
चंडीगढ़, 28 अक्तूबर – प्रदेश में लगातार भर्तियों में गड़बड़ी और पर्चे लीक होने की घटनाओं पर निरन्तर मुखर सांसद और कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 21 और 22 अक्टूबर को आयोजित ग्रुप डी की सीईटी परीक्षा का पर्चा लीक होने को लेकर खट्टर सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है।
खट्टर सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल को ‘भर्तियों के घोटालों का अमृतकाल’ करार देते हुए उन्होंने सीएम को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे सभी पेपर लीक कांडों पर श्वेत पत्र जारी कर दोषियों के नाम बताएं व बताएं की उन्हें क्या सजा दी।
खट्टर सरकार के नौ साल, प्रदेश का हर वर्ग बेहाल
सुरजेवाला ने कहा कि खट्टर सरकार के नौ साल, प्रदेश का हर वर्ग बेहाल – युवा हुआ बेरोजगार और भर्ती आयोगों में बैठे दलाल माला-माल। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एसडीएम से लेकर चपड़ासी-चौकीदार तक हर स्तर की भर्तियों की मंडी चल रही है। खट्टर साहब के शासनकाल मे भर्तियों की शुचिता और मुख्यमंत्री के बयानों की विश्वसनीयता, दोनों खत्म हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री पारदर्शिता के जुमले उछालकर प्रदेश को गुमराह करते हैं और हर भर्ती घोटाले में दो-चार लोगों को बलि के बकरे बनाकर भर्ती आयोगों, पेपर कंडक्ट करने वाली एजेंसियों तथा सीएमओ से जुड़े लोगों को बचा लिया जाता है।
भर्ती घोटालों तथा पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगा पाने में असफल
सुरजेवाला ने एक के बाद एक भर्ती घोटालों तथा पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगा पाने में असफल रहने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से इस्तीफा मांगते हुए सवाल पूछा कि पेपर कंडक्ट करने वाली एजेंसीज के मालिकों के सत्ता में बैठे किन-किन सफ़ेदपोशों से संबंध हैं?
रणदीप ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में भर्तियों की ये मंडी उसी समय से चल रही है जब से खट्टर साहब का राज्याभिषेक हुआ है। इनकी भर्तियों की मंडी का भंडाफोड़ खट्टर सरकार के समय आयोजित पहली ही क्लर्कों की भर्ती परीक्षा के दौरान उसी समय हो गया था, जब पानीपत के एक भाजपा नेता के स्कूल से पर्चा लीक होने की खबरें आई। कई दिनों तक जाँच एजेंसियों ने बड़े-बड़े खुलासे किए और फिर सब साफ। कानूनी दांव पेंच और सरकारी मशीनरी के सहारे ये सरकार उस भर्ती को भी क्लीन चिट दिलवा गई और घोटालेबाजों को भी।
परीक्षा में धांधलियां हुई और पर्चे लीक होने की खबरें आई लेकिन एक भी भर्ती घोटाले में कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं
उसके बाद हुई हर भर्ती की परीक्षा में धांधलियां हुई और पर्चे लीक होने की खबरें आई लेकिन एक भी भर्ती घोटाले में कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बार सत्ता तंत्र में पैठ बनाए बैठे असल दोषियों को बचा लिया जाता है और दो-चार लोगों को बलि के बनाकर मामला खत्म कर दिया जाता है। प्रदेश की हर भर्ती में धांधली होती है और हर बार खट्टर साहब मीडिया में बैठकर खुद को क्लीन चिट देकर पारदर्शिता का ढोल पीट जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन बेशुमार भर्ती घोटालों के बीच ना परीक्षाओं की शुचिता बची है और ना मुख्यमंत्री के पारदर्शिता के नारों की विश्वसनीयता।
फ़र्ज़ी नारेबाजों के लिए ये डूब मरने की बात
रणदीप ने कहा कि इस सरकार में बैठे झूठे प्रचारकों और फ़र्ज़ी नारेबाजों के लिए ये डूब मरने की बात है कि भर्तियों की ये मंडी HCS से लेकर सेवादार-चौकीदार तक, हर स्तर की भर्तियों में चल रही है। डेंटल डॉक्टर रुपयों की भरी अटैचियों से लग रहे हैं और सिपाहियों की भर्ती का पर्चा लीक करने वालों की जाँच लीपा पोती में दफन कर दी जाती है। भाजपा-आरएसएस की नौकरियों की मंडी व्यापम से लेकर एचएसएससी तक सब जगह हर स्तर पर व्याप्त है। नौ साल के कार्यकाल में ये ईमानदारी और भर्तियों में पारदर्शिता की बातें फ़र्ज़ी और मनोहरजाल सिद्ध हो चुकी हैं। खट्टर साहब के शासनकाल में एचपीएससी अब ‘हेरा-फेरी सर्विस कमीशन’ बन चुका है। रणदीप ने याद दिलाया कि खट्टरकाल मे एचपीएससी का डिप्टी सेक्रेटरी करोड़ों रुपये कैश के साथ पकड़ा जा चुका है। जांच की आंच जब इनके एचपीएससी चेयरमैन और सीएम ऑफिस तक पहुंचने लगी तो केवल अनिल नागर का नाम लेकर मामला दबा दिया गया।