Manipur Flood : मानसून ने तय समय से 6 दिन (2 जुलाई) पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। देशभर के तकरीबन सभी राज्यों में भारी बारिश हो रही है। नॉर्थ-ईस्ट में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। मणिपुर और असम में बाढ़ आ गई है।
Manipur Flood : मणिपुर सरकार ने बुधवार यानि 3 जुलाई को राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में छुट्टी की घोषणा की है, जबकि स्कूल आज और कल यानी 4 जुलाई तक बंद रहेंगे। मंगलवार यानि 2 जुलाई को सेनापति नदी में गिरे 25 साल एक व्यक्ति का शव निकाला गया। भारत-म्यांमार सड़क के 3 किमी से अधिक हिस्से में भी बाढ़ आ गई है। 1000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

असम में भी तीन लोगों की बाढ़ से जान चली गई। इससे राज्य में इस साल बाढ़, लैंडस्लाइड और तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। राज्य के 23 जिलों में 11.3 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सोमवार तक 19 जिलों में 6.44 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित थे।
गुजरात के जूनागढ़ में सड़कें बारिश के पानी में डूब गई हैं। इसकी वजह से 30 गांवों का संपर्क कट गया है। अहमदाबाद में दो मंजिला बिल्डिंग की सीढ़ियों का एक हिस्सा ढह गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के जरिए बिल्डिंग में फंसे 16 लोगों को निकाला।
Manipur Flood : 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने बुधवार के लिए 17 राज्यों- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, असम, नगालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम में अति भारी बारिश और 9 राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक फिलहाल राज्य के 2,208 गांव पानी में डूबे हुए हैं। इस के साथ ही इस साल की बाढ़, भूस्खलन और तूफानों में मरने वालों की कुल संख्या 48 हो गई है। कई जिलों में सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
34 दिन में मानसून ने पूरे देश को कवर किया
दक्षिण-पश्चिम मानसून निकोबार में 19 मई को पहुंच गया था। केरल में इस बार दो दिन पहले, यानी 30 मई को मानसून पहुंचा। इसी दिन नॉर्थ-ईस्ट राज्यों को भी कवर कर लिया। फिर 12 से 18 जून तक मानसून रुका रहा। 6 जून को मानसून ने महाराष्ट्र में एंट्री ली और 11 जून को गुजरात में दाखिल हुआ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मानसून 12 जून तक केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को पूरी तरह कवर कर चुका था। साथ ही दक्षिण महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों, दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, दक्षिणी ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और सभी पश्चिमोत्तर राज्यों में पहुंच गया था।
18 जून तक मानसून महाराष्ट्र के जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा, ओडिशा के मलकानगिरी और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम तक पहुंचा था। हालांकि, इसके बाद मानसून रुका रहा। 21 जून को मानसून डिंडौरी के रास्ते मध्य प्रदेश पहुंचा और 23 जून को गुजरात में आगे बढ़ा।
राजस्थान में मानसून ने 25 जून को एंट्री ली और मध्य प्रदेश के आधे के ज्यादा क्षेत्र को कवर कर लिया। 25 जून की ही रात मानूसन ललितपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ। 26 जून को मानसून MP और UP में आगे बढ़ा। 27 जून को मानसून उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तरी पंजाब में दाखिल हुआ।
28 जून को मानसून ने दिल्ली और हरियाणा में एंट्री ली। 30 जून तक मानसून ने तकरीबन पूरे देश को कवर कर लिया। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब का कुछ हिस्सा ही बाकी रहा। 2 जुलाई तक मानसून ने इस हिस्से को भी कवर कर लिया। इसके साथ ही 30 मई से 2 जुलाई यानी 34 दिनों में मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है।