Tiranga Divas : वर्ष 2021 से पूर्व डीजीपी कर रहे हैं 22 जुलाई के दिन को तिरंगा दिवस घोषित करने की मांग
Tiranga Divas: पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शील मधुर ने कहा कि आगामी 22 जुलाई को हर देशवासी अपने घर, दफ्तर, पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अपने प्यारे तिरंगे को सेल्यूट करें।
22 जुलाई 1947 के दिन ही पहली बार तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया था। उनकी केंद्र सरकार से मांग है कि इस दिन को तिरंगा दिवस के रूप में घोषित करके तिंरगे का सम्मान बढ़ाए।
पूर्व डीजीपी शील मधुर शनिवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार 22 जुलाई के लिए उन्होंने प्रणाम तिरंगा थीम लांच की है। नाम दिया है। इस दिन से पहले और बाद तक हम सब तिरंगे को सेल्यूट करेंगे। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 2021 से उन्होंने तिरंगा दिवस घोषित करने के लिए अभियान की शुरुआत की थी।
इसके लिए उन्होंने तिरंगा सेना बनाई, जिसके माध्यम से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को तिरंगे प्रति जागरुक किया है। यह अभियान अभी भी जारी है। उन्होंने खुशी जाहिर की तिरंगे को केंद्र सरकार ने हर घर तक पहुंचाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उनके अभियान को आगे बढ़ाया। तिरंगा लहराने की प्रेरणा तो सही है, लेकिन हर देश की तरह भारत देश का भी तिरंगा दिवस होना चाहिए। इस दिवस की घोषणा सरकार करे।
उन्होंने देश की जनता से विनम्र अनुरोध किया है कि 22 जुलाई को तिरंगे के सम्मान में तिरंगे को प्रणाम करें। सेल्यूट करें। सेलिब्रेट करें और हैशटैग प्रणाम तिरंगा पर टैग करें। इस मिशन को अपना समर्थन दें और अपनी फोटो, वीडियो क्लिप सपोर्ट के तौर पर 8826533172 पर भेजें।
पूर्व डीजीपी शील मधुर ने कहा कि हमारे देश का तिरंगा सबसे सुंदर राष्ट्रीय ध्वज माना गया है। जैसे हम अपना, बच्चों का जन्मदिन मनाते हैं, ऐसे ही तिरंगे का 22 जुलाई को जन्मदिन मनाएं। हर तरह से खुशियां मनाएं। उन्होंने कहा कि प्रमाण तिरंगा थीम पर शहरों, गांवों, स्कूलों, कालेजों में तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। तिरंगा हमारी जीवनशैली है। तिरंगा देश के अस्तित्व, आजादी, संविधान, शांति, अहिंसा, प्रेम, खुशहाली का प्रतीक है। तिरंगे के हर रंग का अपना महत्व है। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी भारत का तिरंगा दिवस नहीं होना दुख की बात है। पूर्व डीजीपी ने कहा कि उन्होंंने सांसदों, मंत्रियों से लेकर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तक पत्र भेजकर इस दिवस की घोषणा करने की मांग की है। उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक तिरंगा दिवस घोषित नहीं हो जाता, वे इस मांग को उठाते रहेंगे।
पूर्व डीजीपी ने बताया कि वर्ष 1916 में स्वतंत्रता सेनानी आंध्र प्रदेश के पिंगली वेंकैया ने ऐसे झंडे के बारे में सोचा, जो भारतवासियों को एक सूत्र में पिरोकर रखे। उनकी इस पहल को एस.बी. बोमन व उमर सोमानी ने सराहा। तीनों ने मिलकर नेशनल फ्लैग मिशन की स्थापना की। हैदराबाद की एक प्रतिष्ठित कलाकारसुरैया तैय्यबजी व उनके पति विदेशी राजनयिक बदरूद्दीन तैय्यबजी ने संविधान समिति को सलाह दी कि देश के राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र भी शामिल किया जाए। महात्मा गांधी ने इसे माना और ध्वज में अशोक चक्र शामिल करने की अनुमति दी।