हरियाणा की भाजपा सरकार ने माफ़ किया अदानी का 1144 करोड़ का जुर्माना
फ़रीदाबाद : मनोहर लाल खट्टर ने पहले हरियाणा की बिजली व्यवस्था का भट्ठा बिठा दिया और अब वो पूरे देश की बिजली व्यवस्था को खटारा बनायेंगे। एनआईटी विधानसभा से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला और कहा कि पिछले 10 साल में बिजली उत्पादन की एक भी मदर यूनिट बीजेपी लेकर नहीं आयी। लगातार बढ़ रही बिजली की खपत और उपभोक्ताओं की बढ़ती तादाद को समझते हुए मनोहर सरकार ने कोई प्रयास नहीं किए। जिसके चलते आज न केवल फ़रीदाबाद बल्कि प्रदेश की जनता परेशानी झेल रही है। आज बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
नीरज शर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार अदानी के हाथों की कठपुतली बनी हुई है।
हुड्डा सरकार के करार को पलटा
कांग्रेस की हुड्डा सरकार ने अदानी की कंपनी द अदानी पॉवर लिमिटेड एवं कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड के साथ 2.94 पैसे प्रति यूनिट बिजली देने का करार किया था, जिसमें प्रतिदिन 1424 मेगावाट बिजली हरियाणा को देनी थी। यह करार 25 साल के लिए किया गया था। सन् 2022 में हरियाणा पॉवर परचेज सेंटर ने अदानी पॉवर लिमिटेड और कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड के ख़िलाफ़ हरियाणा को बिजली की आपूर्ति न देने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी डाली थी और अदानी पॉवर लिमिटेड तो बिजली आपूर्ति घटाने पर आर्टिकल 14 के तहत 1144 करोड़ जुर्माने का नोटिस भी भेजा गया था। हरियाणा पॉवर परचेज सेंटर ने अदानी पॉवर लिमिटेड से हुए समझौते के हिसाब से बिजली आपूर्ति न होने पर 982 करोड़ अतिरिक्त खर्च होने का दावा किया था।
70 प्रतिशत स्थानीय कोयले का प्रयोग करेगा और 30 प्रतिशत कोयला विदेश से
हरियाणा की खट्टर सरकार ने अदानी पर नरमी बरतते हुए समझौते की शर्तों में परिवर्तन करते हुए 1424 मेगावाट बिजली की जगह 1096 मेगावाट बिजली देने और प्रति यूनिट 2.94 की जगह 3.48 रुपए करने पर मोहर लगा दी। अदानी के साथ वर्ष 2008 में हुड्डा सरकार में हुए समझौते के अनुसार अदानी पॉवर लिमिटेड 25 साल तक 1424 मेगावाट बिजली देगा। इसमें से 70 प्रतिशत स्थानीय कोयले का प्रयोग करेगा और 30 प्रतिशत कोयला विदेश से आयात होगा। लेकिन अदानी ने विदेश से आयात कोयले की क़ीमत अधिक होने का हवाला देते हुए शर्तों को मानने से इंकार कर दिया।
बीजेपी की कैबिनेट सरकार ने अदानी पर सभी जुर्मानों को माफ़ करते हुए बिजली की यूनिट के रेट बढ़ा दिए और बिजली आपूर्ति को भी घटाकर 1096 मेगावाट कर दिया।
नीरज शर्मा ने कहा कि भाजपा की मनोहर सरकार की अदानी के प्रति दयालुता के चलते ही आज प्रदेश का हर वर्ग बिजली से त्राहिमाम कर रहा है। जिसके लिये पूरी तरह मनोहर लाल ज़िम्मेदार हैं, जो अब पूरे देश की बिजली व्यवस्था को खटारा बनाने जा रहे हैं। आज सरकार को पीक ओवर्स में 17 रूपये प्रति यूनिट तक ख़रीदना पड़ रहा है इसी लिए सिर्फ़ एनआईटी 86 में ही नहीं, फ़रीदाबाद में ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में बिजली का भारी संकट पैदा हो गया है .