झारखंड के जमशेदपुर में हावड़ा-मुंबई मेल एक्सप्रेस (12810) ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद एक बड़ी दुर्घटना घटी। इस हादसे में ट्रेन की सभी बोगियां पटरी से उतर गईं और बगल में खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गईं। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। यह दर्दनाक घटना सुबह 3:43 बजे राजखरसवां और बड़ाबाम्बो के बीच हुई।
हादसे की स्थिति:
रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे के वक्त ट्रेन की गति अधिक नहीं थी, लेकिन पटरी से उतरने के बाद बोगियां मालगाड़ी से टकरा गईं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। मौके पर बचाव और राहत कार्य तेजी से शुरू किया गया। टॉयलेट काटकर अंदर फंसे दो शवों को निकाला गया। इस हादसे के बाद रेलवे के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गए हैं। कोलकाता मुख्यालय से महाप्रबंधक और मुख्य सुरक्षा अधिकारी समेत कई उच्चाधिकारी जमशेदपुर के लिए रवाना हो गए हैं। चक्रधरपुर स्थित रेलवे अस्पताल के साथ ही जमशेदपुर के टीएमएच, मेडिकल कॉलेज और सदर अस्पताल को भी अलर्ट कर दिया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और सहायता:
रेलवे ने घटनास्थल पर तुरंत राहत और बचाव दल भेजे। घायलों को प्राथमिक चिकित्सा के लिए चक्रधरपुर के रेलवे अस्पताल में भेजा गया। एंबुलेंस और रेस्क्यू टीमें लगातार घायलों की मदद में जुटी हुई हैं। रेलवे ने इस हादसे के बाद तुरंत हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि पीड़ितों के परिजन और अन्य लोग जानकारी प्राप्त कर सकें।
हेल्पलाइन नंबर:
- टाटानगर: 06572290324
- चक्रधरपुर: 06587 238072
- राउरकेला: 06612501072, 06612500244
- हावड़ा: 9433357920, 03326382217
- रांची: 0651-27-87115
- एचडब्ल्यूएच हेल्प डेस्क: 033-26382217, 9433357920
- एसएचएम हेल्प डेस्क: 6295531471, 7595074427
- केजीपी हेल्प डेस्क: 03222-293764
- सीएसएमटी हेल्पलाइन ऑटो नंबर: 55993
- पी एंड टी: 022-22694040
- मुंबई: 022-22694040
- नागपुर: 7757912790
अगले कदम:
घटना के बाद से क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। रेलवे और राज्य सरकार ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने देने का आश्वासन दिया है। दुर्घटना से प्रभावित होने वाली अन्य ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है।
यह दुर्घटना एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है और इसके चलते रेलवे को अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं की पुनः समीक्षा करनी होगी। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है।