फूड पॉइजनिंग के चलते वार्ड से मरीजों को किया गया आईसीयू में शिफ्ट
गुरुग्राम , के प्राइवेट हॉस्पिटल का खाना खाने से मरीजों को हुआ फूड पॉइजनिंग
फूड पॉइजनिंग के चलते वार्ड से मरीजों को किया गया आईसीयू में शिफ्ट
पिछले चार दिनों से मरीजों को दिया जा रहा है ख़राब खाना
अपनी बिमारी का ईलाज करवाने पहुंचे मरीज और हुए बीमार
खराब खाना खाने से मरीजों की जान जोखिम में
मरीज को बीमार करने वाला हॉस्पिटल बना marengo asia हॉस्पिटल
गुरुग्राम में मरीजों को बदबूदार और सड़ा हुआ खाना देने वाला हॉस्पिटल मारेंगो एशिया
Marengo asia हॉस्पिटल मरीजों को करता है मारने काम ?
गुरुग्राम के सैक्टर 56 का मारेंगो एशिया हॉस्पिटल मरीजों को खिलाता है ख़राब खाना
मरीज और परिवार वालों ने marengo asia हॉस्पिटल के लाइसेंस को कैंसिल करने की सरकार से की मांग
मरीज और अटेंडेंट ने हरियाणा सरकार और मोदी सरकार से लगाई गुहार
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने चलाया हॉस्पिटल को बंद करने का आभियान अगर आप भी बड़े और महंगे अस्पतालों में इलाज के लिए जा रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए क्योंकि वहां खाना ऐसा मिलता है कि आप उसे खाने को खाने के बाद और बीमार हो सकते हैं और आपकी जान पर भी बन सकती है जी हां ऐसे ही अस्पताल गुरुग्राम में है जो मरीज को बेहतर इलाज का दावा करता है लेकिन जब वहां मरीज पहुंचने के बाद और ज्यादा बीमार हो जाता है … देखिए बीमार करने वाला महंगा और फाइव स्टार अस्पताल….
लोग अपनी सेहत में जल्द सुधार पाने के लिए और अपने इलाज के लिए बड़े और महंगे अस्पतालों में जाते हैं ताकि उनकी सेहत में जल्द सुधार हो सके लेकिन गुरुग्राम का एक ऐसा हॉस्पिटल है जहां मरीजो की सेहत में सुधार की बजाय और बीमारी बढ़ जाती है जी हां ये यह है गुरुग्राम का मारेंगो एशिया हॉस्पिटल … जैसा नाम वैसा ही काम मारेंगो मतलब मरीज को मारने का काम जी हां
ये गुरुग्राम के सैक्टर 56 में स्थित गुरुग्राम के महंगे और फाइव स्टार अस्पतालों में से एक है लेकिन अब जरा अब यहां के खाने की तस्वीर देखिए कि किस तरह से बदबूदार और खराब क्वालिटी का खाना यहां मरीजों को परोसा जाता है ताकि उनकी सेहत में सुधार कम बल्कि नुकसान ज्यादा हो सके और इस नुकसान की भरपाई मरीज़ कई दिन तक अस्पताल में भर्ती रहकर मारेंगो एशिया हॉस्पिटल की जेब भर सके… मारेंगो एशिया हॉस्पिटल जिसमें 4 दिन पहले रमेश नाम के मरीज़ को लकवा की बीमारी के चलते एडमिट किया गया था और उन्हें आईसीयू में रखा गया था लेकिन उनकी सेहत में सुधार जरूर हुआ इसीलिए उनको जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया लेकिन पिछले चार दिनों से लगातार उनका बदबूदार और सड़ा हुआ खाना दिया जा रहा था जिसकी वजह से उन्हें एक बार फिर आईसीयू में एडमिट करना पड़ा हालांकि पिछले चार दिनों से लगातार मरीज और उनके अटेंडेंट ने अस्पताल प्रबंधन से कई बार खाने को लेकर शिकायत की लेकिन हर बार खाने को बदलने और सुबह के बाद शाम को खाना ठीक आ जाएगा और शाम के बाद अगले दिन का खाना ठीक होगा इस आश्वासन और गारंटी के बाद यह लोग ख़राब खाना खिलाते रहे जिसकी वजह से रमेश अब तक हॉस्पिटल के बेड पर और लखवा की बीमारी तो दूर बल्कि फूड प्वाइजनिंग का मरीज़ बन गया है… आखिरकार जब अस्पताल प्रबंधक नहीं माना तो इन्होंने मीडिया के सामने अस्पताल के खाने की तमाम पोल खोल दी और न केवल मारेंगो एशिया खाने की पोल खोली बल्की अस्पताल प्रबंधन की तमाम वीडियो भी बनाई जिसमें खुद अस्पताल कुर्मी मान रहे हैं कि हां उनके खाने में बदबू आ रही है और उनका खाना बेहद हल्की क्वालिटीका है..
रमेश चंद्र मरीज
चिराग मरीज़ अटेंडेंट
मारेंगो एशिया हॉस्पिटल का कारनामा केवल एक बेड या एक वार्ड तक सीमित नहीं बल्कि तमाम मरीज को इसी तरह से सड़ा हुआ खाना खिलाया जा रहा है यह लोग ना तो किसी छोटे बच्चों को अच्छा खाना देते और ना ही किसी बुजुर्ग मरीज को सेहतमंद खाना खिलाने बल्कि इस अस्पताल का कारनामा है कि खराब खाना खिलाकर मरीजों को और बीमार किया जाए ताकि वह इसी अस्पताल में लेटे रहे और मरीज की जेब ढीली होती रहे और अस्पताल की चांदी कटती रहे..अब जरा एक दूसरे और मरीज की भी जुबानी सुनिए की कैसे उनको चेस्ट की बीमारी के चलते यहां एडमिट किया गया था लेकिन आज वह खुद इस फाइव स्टार अस्पताल का खाना खाकर फूड पॉइजनिंग के मरीज बनकर इस फाइव स्टार और महंगे अस्पताल के बेड का बिल भर रहे…
मुखराम सिंह तंवर मरीज़
जितेंद्र मरीज़ अटेंडेंट
अब ऐसे में जहां मरीज और उनके परिवार वाले इस अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं तो वहीं सबसे बड़ा सवाल अबू सफेद पीसी पर भी उठ रहा है जिसको लोग भगवान का दूसरा रूप मानते हैं लेकिन यहां ना तो धरती के इन भगवानो को मरीजों की सेहत ख्याल आता बल्कि ये सफेद पोश भगवान मरीजों कि जेब को काटने में काटने में इतनी बिजी है कि मानो इनका कंपटीशन चल रहा हो बहराल अब देखना यह होगा कि इस अस्पताल के खिलाफ क्या कुछ कार्रवाई होती है.. कब तक मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई होती है