पंजाब की प्रमुख विपक्षी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल (SAD), ने मंगलवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में आठ वरिष्ठ नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने यह कदम तब उठाया जब आत्ममंथन के दौरान यह सामने आया कि इन नेताओं ने पार्टी के दुश्मनों के साथ मिलकर संगठन को कमजोर करने की कोशिश की थी।
निष्कासित नेताओं की सूची
निष्कासित किए गए नेताओं में गुरप्रताप सिंह वडाला, बीबी जागीर कौर, प्रेम सिंह चंदूमाजरा, परमिंदर सिंह ढींडसा, सिकंदर सिंह मलूका, सुरजीत सिंह रखड़ा, सुरिंदर सिंह ठेकेदार, और चरणजीत सिंह बराड़ शामिल हैं। इन नेताओं ने पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल से इस्तीफे की मांग करते हुए बगावत की थी।
इसके अतिरिक्त, पार्टी ने सात निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों को भी उनके पद से हटा दिया है। ये क्षेत्र हैं नकोदर, भोलाथ, घनुआर, सनौर, समाना, गढ़शंकर, और राजपुरा। पार्टी ने यह भी घोषणा की है कि इन रिक्तियों को जल्द से जल्द भरा जाएगा, जिसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से विस्तृत फीडबैक लिया जाएगा।
बलविंदर सिंह भंदड़ का बयान
पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष बलविंदर सिंह भंदड़ ने बताया कि आत्ममंथन के दौरान यह बात स्पष्ट हुई कि इन नेताओं ने पार्टी में फूट डालने के प्रयास किए और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “इन नेताओं ने संयम बरतने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से पार्टी विरोधी गतिविधियों का दायरा बढ़ाया और यह स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी संगठन पर कोई भरोसा नहीं है। अनुशासनहीनता के ऐसे कृत्यों को किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।”
भंदड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को आश्वासन दिया कि पार्टी जल्द ही नए और योग्य नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगी।
इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों में इसका क्या असर होता है। शिरोमणि अकाली दल ने अपने सख्त रुख से यह संदेश दिया है कि पार्टी अनुशासनहीनता के मामलों में कोई समझौता नहीं करेगी।