
क्या है हाईपरटेंशन
हाईपरटेंशन, जिसे आमतौर पर उच्च रक्तचाप के रूप में जाना जाता है, अब सिर्फ बड़ों की ही नहीं बल्कि युवाओं की भी एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या बन गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 2024 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50% युवा जो इस स्थिति से पीड़ित हैं, वे ही इसका इलाज करवाते हैं। इससे भी चिंताजनक तथ्य यह है कि इनमें से आधे से ज्यादा युवाओं को यह पता ही नहीं होता कि वे हाईपरटेंशन के शिकार हैं। यह स्थिति अत्यधिक वजन, तनावपूर्ण जीवनशैली, और अस्वास्थ्यकर खानपान के कारण बढ़ती जा रही है।
**हाईपरटेंशन के प्रमुख कारण:**
1. **अत्यधिक वजन:** वजन बढ़ने के साथ, रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है।
2. **तनाव:** दैनिक जीवन में तनाव का सीधा असर हमारे शरीर के कई अंगों पर पड़ता है, जिसमें दिल और रक्त वाहिकाएं शामिल हैं।
3. **अस्वास्थ्यकर खानपान:** अधिक मात्रा में जंक फूड, सोडियम, और फैटी फूड का सेवन भी हाईपरटेंशन के खतरे को बढ़ाता है।
**हाईपरटेंशन के लक्षण:**
1. **गंभीर सिरदर्द:** उच्च रक्तचाप के कारण सिर में गंभीर दर्द हो सकता है।
2. **थकान और कमजोरी:** हाईपरटेंशन की वजह से शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस हो सकती है।
3. **धुंधली दृष्टि:** उच्च रक्तचाप आंखों की रक्त वाहिकाओं पर प्रभाव डाल सकता है, जिससे दृष्टि धुंधली हो सकती है।
4. **छाती में दर्द:** रक्तचाप बढ़ने से दिल पर दबाव पड़ता है, जिससे छाती में दर्द हो सकता है।
5. **सांस लेने में कठिनाई:** उच्च रक्तचाप के कारण सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
6. **चक्कर आना:** रक्तचाप के असंतुलन से चक्कर आना भी हो सकता है।
**हाईपरटेंशन के प्रकार:**
1. **अर्जेंट हाईपरटेंशन:** इस स्थिति में व्यक्ति का ब्लड प्रेशर उच्च होता है, लेकिन इससे शरीर के अंगों को कोई गंभीर नुकसान नहीं होता।
2. **इमरजेंसी हाईपरटेंशन:** इसमें उच्च रक्तचाप के कारण अंगों को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत इलाज कराना चाहिए।
**हाईपरटेंशन से बचाव के उपाय:**
1. **वजन नियंत्रण:** नियमित रूप से अपने वजन पर ध्यान दें और इसे नियंत्रण में रखें।
2. **लो सोडियम डाइट:** अपनी डाइट में सोडियम की मात्रा को सीमित करें। अधिक नमक का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है।
3. **नियमित व्यायाम:** रोजाना 30-60 मिनट का व्यायाम करें। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।
4. **स्ट्रेस मैनेजमेंट:** तनाव को कम करने के लिए ध्यान (मेडिटेशन), म्यूजिक थेरेपी, और योग का सहारा लें।
5. **स्वस्थ खान-पान:** जंक फूड और तली-भुनी चीजों से परहेज करें। ताजे फल, सब्जियां, और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं।
6. **लक्षणों को न करें नजरअंदाज:** अगर आप किसी भी हाईपरटेंशन के लक्षणों को महसूस करते हैं, तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
**डॉ. नेहा पारवानी का परामर्श:**
चिकित्सकों के अनुसार, इन दिनों कॉलेज के विद्यार्थियों और कामकाजी युवाओं के बीच हाईपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जयपुर में चिकित्सकों के पास रोजाना कई ऐसे मामले आते हैं। डॉ. नेहा पारवानी, जनरल फिजिशियन, का कहना है कि हाईपरटेंशन को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। गंभीर सिरदर्द, थकान, धुंधली दृष्टि, और छाती में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
**निष्कर्ष:**
हाईपरटेंशन अब सिर्फ उम्रदराज़ लोगों की समस्या नहीं रह गई है; यह युवा पीढ़ी को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली, और समय पर चिकित्सा सलाह से इस गंभीर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। याद रखें, स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है। इसे नज़रअंदाज़ न करें और स्वस्थ रहने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।