
नई दिल्ली, 05 अगस्त ।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और राष्ट्रीय संचार अकादमी (एनसीए) ने भारत में दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ाने लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम की उपस्थिति में एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार और एनसीए के महानिदेशक श्री देब कुमार चक्रवर्ती ने एआईसीटीई मुख्यालय में समझौते की औपचारिकता पूरी की। इस समझौते का उद्देश्य डिप्लोमा और स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए मॉडल पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाना और 5जी/6जी, क्वांटम कम्युनिकेशन, दूरसंचार और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में माइनर डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करना है। इसका लक्ष्य दूरसंचार उद्योग में नवीनतम प्रगति के साथ शैक्षिक योगदान को संरेखित करना है।
हम राष्ट्रीय संचार अकादमी के साथ इस रणनीतिक साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं
इस दौरान एआईसीटीई के अध्यक्ष ने कहा, “हम राष्ट्रीय संचार अकादमी के साथ इस रणनीतिक साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं, जिसका उद्देश्य दूरसंचार और आईसीटी क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा में क्रांति लाना है। 5जी/6जी, क्वांटम कम्युनिकेशन और साइबर सुरक्षा जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में माइनर डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करके हम इन अत्याधुनिक विषयों की व्यापक छात्र आधार तक अधिक पहुंच सुनिश्चित करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य एक ऐसा परिणाम देने वाला सहयोग है जो न केवल हमारे पाठ्यक्रम को अपडेट करता है बल्कि हमारे छात्रों को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार करता है।”
छात्रों को भविष्य की तकनीकी प्रगति के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि यह साझेदारी भारत में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, इसे उद्योग की जरूरतों के साथ जोड़ने और छात्रों को भविष्य की तकनीकी प्रगति के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एनसीए के महानिदेशक
देब कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि एआईसीटीई अप्रूव्ड संस्थानों के संकाय सदस्यों के लिए एनसीए इन प्रौद्योगिकियों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेगा और इन संस्थानों को आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर अपने प्रशिक्षण संसाधन भी प्रदान करेगा। एनसीए इन प्रौद्योगिकियों में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर भी तलाशेगा।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
1. पाठ्यक्रम विकास: एआईसीटीई और एनसीए दूरसंचार और आईसीटी के क्षेत्र में माइनर डिग्री, डिप्लोमा और यूजी तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए मॉडल पाठ्यक्रम को अपडेट करने के लिए सहयोग करेंगे।
2. उभरती प्रौद्योगिकियों का एकीकरण: साझेदारी का उद्देश्य तकनीकी संस्थानों के शैक्षिक पाठ्यक्रम में भारत 6जी विजन के साथ संरेखित उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करना है।
3. शैक्षिक सामग्री विकास: एआईसीटीई 5जी/6जी, क्वांटम कम्युनिकेशन, दूरसंचार और साइबर सुरक्षा और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित प्रासंगिक शैक्षिक सामग्री के निर्माण की सुविधा प्रदान करेगा। ये सामग्री एआईसीटीई के स्वंय प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी।
4. संकाय प्रशिक्षण: एआईसीटीई के सहयोग से एनसीए, एआईसीटीई अप्रूव्ड संस्थानों के संकाय सदस्यों के लिए इन उभरती प्रौद्योगिकियों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेगा।
5. नॉलेज शेयरिंग: एनसीए संकाय, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में कार्यशालाएं, वेबिनार और एडवांस्ड रिसर्च सेमिनार आयोजित करेगा। ये कार्यक्रम शोध प्रस्तुत करने, वैज्ञानिक चर्चाओं में शामिल होने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मंच प्रदान करेंगे।
6. इंटर्नशिप के अवसर: एनसीए इंजीनियरिंग छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसरों की खोज करेगा और अपनी प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए अपने बुनियादी ढांचे तक पहुंच प्रदान करेगा।