
सिरसा में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है, जब सोमवार तड़के चार कर्मचारी 150 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। ये कर्मचारी वेतन विसंगति को दूर करने की मांग कर रहे हैं और सरकार की अनदेखी से नाराज हैं।
सिरसा में कुल 728 एनएचएम कर्मचारी हैं, और राज्य भर में 17,000 से अधिक कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में सेवा दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। आंदोलन के 11वें दिन ये कर्मचारी लघु सचिवालय स्थित जलघर में घुसकर टंकी पर चढ़ गए, जिससे प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गई।
जिला प्रधान कुंदन गावडिया के नेतृत्व में ये कर्मचारी टंकी पर चढ़े और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे टंकी से नहीं उतरेंगे। एनएचएम कर्मचारियों की मांगों में पक्की नौकरी, सातवें वेतन आयोग का लाभ, और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
इस घटना के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और एनएचएम कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और उनकी मांगें पूरी होने तक वे टंकी से नहीं उतरेंगे।
यह प्रदर्शन प्रदेश भर में एनएचएम सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, जिसमें अस्पतालों में लेबर रूम, नर्सरी, केएमसी यूनिट, मेंटल हेल्थ और अन्य सेवाएं शामिल हैं।
सरकार और एनएचएम कर्मचारियों के बीच चल रहे इस संघर्ष का समाधान जल्द से जल्द निकलने की उम्मीद है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली हो सके और कर्मचारियों की मांगों का उचित समाधान मिल सके।