
गुरुग्राम – हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने कमल कार्यालय में दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक में हरियाणा भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सह प्रभारी मनोहर लाल खट्टर, शहर प्रभारी सतीश पूनिया, केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, इंद्रजीत सिंह, डॉ. सुधा यादव और हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज सहित अन्य कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य और मुख्य बिंदु
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर चर्चा करना और टिकट वितरण को लेकर निर्णय लेना था। 17 जिलों के विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा की गई, जिसमें पार्टी की मजबूती और कमजोरी को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पार्टी किन क्षेत्रों में कमजोर है, इसके पीछे के कारण क्या हैं, और इन क्षेत्रों में पार्टी को कैसे मजबूत किया जा सकता है।
टिकट आवेदनों पर विचार-विमर्श
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त टिकट आवेदनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। हर विधानसभा क्षेत्र से लगभग छह आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर कमेटी ने विचार किया। इसके अलावा, टिकट पाने के इच्छुक नेताओं की संख्या भी काफी अधिक है, जिससे पार्टी के सामने सही उम्मीदवार चुनने की चुनौती और बढ़ गई है।
भविष्य की रणनीति
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्टी अपनी कमजोरियों को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करेगी और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देगी। इसके अलावा, जनता से सीधे संवाद स्थापित करने और उनके मुद्दों को हल करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
बीजेपी के इस महत्वपूर्ण बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरने की तैयारी कर रही है। आगामी दिनों में पार्टी की ओर से और भी अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है, जो चुनावी रणनीति को और धार दे सकते हैं।
निष्कर्ष
हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की यह बैठक आने वाले चुनावों में पार्टी की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। टिकट वितरण और रणनीतिक फैसलों के साथ, पार्टी ने संकेत दिया है कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। अब देखना होगा कि पार्टी की यह तैयारी उसे चुनावी मैदान में कितना फायदा पहुंचाती है।