
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुली चुनौती दी
पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा, “अगर मेरे खिलाफ कोई भ्रष्टाचार का मामला है, तो उसे जनता के सामने लाएं।” तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुली चुनौती दी कि अगर उनके पास कोई ठोस सबूत है, तो उसे सार्वजनिक करें।
राजनीतिक विवाद की शुरुआत
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ समय से लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। इस संदर्भ में तेजस्वी यादव ने साफ किया कि उन पर लगाए गए आरोप केवल राजनीतिक साजिश हैं और उनमें कोई सच्चाई नहीं है।
तेजस्वी यादव का बयान
तेजस्वी यादव ने कहा, “मैंने नितिश कुमार के बारे में कहा है कि अगर उनके पास मेरे खिलाफ कोई ठोस सबूत है, तो उसे सामने लाएं। मैं हमेशा से जांच के लिए तैयार हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि वह पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं और उन पर लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है। तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि ये सभी आरोप उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं।
महागठबंधन में तनाव
बिहार में महागठबंधन सरकार के भीतर चल रहे तनाव के बीच यह विवाद और गहरा गया है। तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार के बीच संबंधों में खटास की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अगर कोई भ्रष्टाचार साबित होता है, तो वे कानूनी परिणामों का सामना करेंगे।
भविष्य की रणनीति
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि वह जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से उनका मनोबल नहीं टूटेगा। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा राज्य के विकास के लिए काम किया है और आगे भी करता रहूंगा। इस तरह के आरोपों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर कोई साक्ष्य है, तो उसे सामने लाया जाना चाहिए।”
नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हैं कि वह तेजस्वी यादव की इस चुनौती का क्या जवाब देंगे। क्या वे कोई ठोस सबूत पेश कर पाएंगे, या यह मामला राजनीतिक विवादों में ही उलझा रहेगा? बिहार की जनता भी इस मुद्दे पर सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रही है।