
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 25 अगस्त को: हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा टिकटों की घोषणा की संभावना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक 25 अगस्त को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और समिति के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करना है।
बैठक का कार्यक्रम और चर्चा
सूत्रों के अनुसार, 25 अगस्त को आयोजित होने वाली इस बैठक में पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सीटों पर चर्चा की जाएगी। यह चर्चा दोपहर 3:00 बजे तक चलेगी। इसके बाद शाम 4:00 बजे से हरियाणा विधानसभा की सीटों पर चर्चा की जाएगी। दोनों प्रदेशों के चुनाव प्रचार के लिए केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को जिम्मेदारी सौंपने पर भी विचार किया जाएगा।
टिकट वितरण पर संभावित निर्णय
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा विधानसभा की 30 से 40 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की जा सकती है। इसमें हरियाणा भाजपा के कई प्रभावशाली मंत्रियों और विधायकों के नाम शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कुछ पूर्व मंत्री और विधायक जो पार्टी और सरकार की आलोचना करते रहे हैं, उनकी टिकटें कटने की संभावना है।
दक्षिण हरियाणा में राव इंद्रजीत सिंह का महत्व
दक्षिण हरियाणा में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि राव इंद्रजीत सिंह ने सात सीटों की मांग की है, जिसमें उनकी पुत्री का नाम भी शामिल है। यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
भाजपा के भीतर असंतोष और कांग्रेस का संभावित लाभ
सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि दक्षिण हरियाणा के दो प्रमुख नेता भाजपा को झटका दे सकते हैं, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। केंद्रीय चुनाव समिति की टिकट घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपा के कौन-कौन से नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं और इस असंतोष का भाजपा पर क्या असर पड़ सकता है।
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति और उम्मीदवारों की सूची पर से पर्दा उठेगा। यह बैठक भाजपा के भीतर संभावित असंतोष और कांग्रेस की स्थिति पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। भाजपा को चुनावी मैदान में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए इन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
55 विधायकों की टिकट पर संकट
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा विधानसभा के करीब 55 वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक और मंत्रियों की टिकटें इस बार कट सकती हैं। टिकट न मिलने से इन नेताओं के बीच असंतोष बढ़ सकता है, जिससे पार्टी के भीतर विद्रोह की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
बादशाहपुर में विशेष रूप से संभावित विरोध
गुड़गांव के बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में टिकट कटने के बाद विरोध के स्वर विशेष रूप से उभर सकते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी का माहौल बनने की संभावना है, जो कि भाजपा के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
महेंद्रगढ़, भिवानी और अन्य क्षेत्रों में भी विरोध की आशंका
महेंद्रगढ़, भिवानी, फरीदाबाद, रेवाड़ी और नारनौल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी पार्टी को विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं की टिकटें कटने की खबरें हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की संभावना बढ़ गई है।
कांग्रेस की नजर असंतुष्ट भाजपा कार्यकर्ताओं पर
इन संभावित विरोधों को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस असंतुष्ट भाजपा कार्यकर्ताओं को अपने पाले में लाने का प्रयास कर सकती है, जिससे भाजपा को नुकसान हो सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम साबित हो सकता है।
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष और विरोध के स्वर उठ सकते हैं। पार्टी के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, खासकर जब कांग्रेस इस असंतोष का फायदा उठाने की तैयारी कर रही है। अब देखना यह होगा कि भाजपा कैसे इन विरोधों का सामना करती है और चुनावी मैदान में खुद को मजबूती से प्रस्तुत करती है।