
खेल में एक खिलाड़ी या तो जीतता है या फिर वह सीखता है, वो कभी हारता नहीं। ये शब्द हैं पैरालंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल लेकर आए जेवलीन प्लेयर नवदीप सिंह के। वे आज सैक्टर 15 स्थित श्रवण एवं वाणी नि:शक्त जनकल्याण केंद्र की 54 वीं वर्षगांठ और अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा सप्ताह के उपलक्ष्य में आयोजित हुए समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे।
पिछले दिनों पेरिस में आयोजित हुए पैरालंपिक खेलों में भारत ने 29 पदक हासिल किए थे, जिनमें सात स्वर्ण पदक शामिल थे। उन्हीं में से एक गोल्ड मेडल नवदीप सिंह के नाम रहा, जिन्होंने जेवलीन थ्रो में स्वर्णिम सफलता अर्जित की थी। नीरज चोपड़ा के ही गृह जिला पानीपत में एक गांव लाखु बुआना के रहने वाले नवदीप सिंह ने आज गुरूग्राम में मूक-बधिर बच्चों के स्कूल में आयोजित किए गए समारोह में शिरकत की और दिव्यांग विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आप अपने आप को सामान्य इंसानों से अलग ना समझें। अपने आप को स्पेशल मानते हुए जिंदगी में आगे बढ़ें और अपनी प्रतिभा को निखारने का काम करें। किसी भी फील्ड में इंसान को अचानक कोई सफलता हासिल नहीं होती, अपितु एक-एक दिन की तपस्या आपके काम आती है। इसलिए धैर्य बनाए रखें और अपना मुकाम हासिल करें।
आत्मिक शक्ति के धनी नवदीप सिंह ने जीवन में आशा-निराशा के बीच संतुलन बनाए रखने का मूलमंत्र समझाते हुए बच्चों से कहा कि नकारात्मक बातों की तरफ कभी ध्यान ना दें। वे आपको मार्ग से भटका सकती हैं। मन में यह उत्साह रखें कि एक ना एक दिन कामयाबी अवश्य मिलेगी और फिर यह दुनिया आपको सलाम करेगी। केंद्र की सहायक निदेशक डा. सीमा ने बताया कि हरियाणा के पूर्व राज्यपाल डा. बीएन चक्रवर्ती ने 23 सितंबर, 1971 को इस मूक-बधिर स्कूल की आधारशिला रखी थी। इस स्कूल के बच्चों ने प्रांतीय व राष्ट्रीय स्तर पर खेल, एंब्रायडरी, चित्रकला, शिक्षा व मूर्तिकला आदि प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि इस स्कूल में भारत की सांकेतिक भाषा बच्चों को सिखाई जाती है। मुख्य अतिथि नवदीप सिंह ने संस्था के इन होनहार बच्चों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर श्रवण एवं मूक-बधिर स्कूल के विद्यार्थियों ने मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से दर्शकों को दिल जीत लिया। समारेाह में संस्था के कार्यकारी सदस्य शरद गोयल, पूर्व मेजर जनरल रणजीत सिंह, चंद्र शर्मा, अधिवक्ता ज्ञानेंद्र राठी, उपासना, सुनीता, रजनी देवी, अमरजीत, सीईओ पायल गर्ग, इंडियन ऑयल की जीएम शीतल चौधरी, समाजसेवी सतीश कौशिक इत्यादि मौजूद रहे।