
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर ब्रज क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। अपने पत्र में उन्होंने ब्रज क्षेत्र के किसानों को राहत प्रदान करने के लिए आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है, ताकि किसानों को इस संकट से उबारा जा सके।
जयंत चौधरी ने पत्र में विस्तार से उल्लेख किया कि ब्रज क्षेत्र के किसान बीते कई महीनों से प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं, जिसमें सूखा, बेमौसम बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियां शामिल हैं। इसके कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, और वे कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
चौधरी ने अपने पत्र में विशेष रूप से यह मांग की है कि राज्य सरकार तत्काल मुआवजे की व्यवस्था करे, ताकि किसानों को इस मुश्किल समय में कुछ राहत मिल सके। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसानों को दिए जाने वाले कृषि ऋण पर छूट दी जाए और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें जल्द से जल्द पहुंचाया जाए।
इसके अलावा, उन्होंने ब्रज क्षेत्र में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया है, ताकि भविष्य में किसानों को सूखे जैसी समस्याओं से बचाया जा सके। जयंत चौधरी ने यह भी अनुरोध किया कि बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए, जिससे उनकी फसल के नुकसान की भरपाई हो सके।
पत्र के अंत में केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसान देश की रीढ़ हैं, और उनके संकट के समय में सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि उन्हें हर संभव सहायता दी जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि वे ब्रज क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर प्राथमिकता से विचार करें और तत्काल प्रभावी कदम उठाएं। चौधरी का मानना है कि अगर सरकार समय पर ठोस कदम उठाती है, तो किसान अपनी परेशानियों से बाहर आ सकते हैं और क्षेत्र में कृषि उत्पादन को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
इस पत्र के जरिए जयंत चौधरी ने राज्य सरकार से ब्रज क्षेत्र के किसानों के लिए न्यायपूर्ण और त्वरित समाधान की मांग की है, ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो सके और वे पुनः अपने पैरों पर खड़े हो सकें।