
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने हरियाणा में कांग्रेस के भविष्य और उसकी रणनीति को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। राउत ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस पार्टी एक समय पर ओवर कॉन्फिडेंट हो गई थी, जो उसके लिए नुकसानदायक साबित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है और उसे अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक सटीक रणनीति बनानी चाहिए।
राउत का यह बयान उस समय आया है जब हरियाणा में राजनीतिक माहौल गरम है और चुनावी तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस की वर्तमान स्थिति और उसके आंतरिक कलह ने पार्टी को कमजोर किया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने मजबूत गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में भी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ खो दी है। राउत के अनुसार, कांग्रेस की यह स्थिति तब आई जब उसने अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के साथ संवाद कम कर दिया और जमीनी मुद्दों को सही से समझने में असफल रही।
कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष पर निशाना
संजय राउत ने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और आंतरिक संघर्षों पर भी टिप्पणी की। उनका मानना है कि पार्टी के भीतर की यह फूट कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हो सकती है, विशेषकर ऐसे समय में जब भाजपा और अन्य राजनीतिक दल हरियाणा में अपनी जड़े मजबूत कर रहे हैं। राउत ने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपनी गुटबाजी से ऊपर उठकर एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरना चाहिए, अन्यथा विपक्षी दल इसका फायदा उठाएंगे।
कांग्रेस को अपनी रणनीति पर करना होगा पुनर्विचार
राउत ने कांग्रेस की मौजूदा रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सिर्फ अपने पुराने रिकॉर्ड पर निर्भर रहेगी और जमीन पर मेहनत नहीं करेगी, तो उसे हरियाणा में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि हरियाणा की जनता अब जागरूक है और वे अब ऐसे नेताओं और पार्टियों का समर्थन करेंगे जो उनके वास्तविक मुद्दों को समझते हैं और हल करने की क्षमता रखते हैं।
हरियाणा की राजनीति पर शिवसेना की नजर
शिवसेना (UBT) के नेता के तौर पर राउत की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि शिवसेना की नजर भी हरियाणा की राजनीति पर है। उन्होंने हरियाणा में कांग्रेस की स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि राजनीति में आत्मविश्वास महत्वपूर्ण है, लेकिन ओवर कॉन्फिडेंस नुकसान कर सकता है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि जनता के साथ संवाद बनाए रखना और जमीनी मुद्दों को हल करना ही जीत की कुंजी है।
राउत के इस बयान से यह स्पष्ट है कि वे हरियाणा में कांग्रेस की संभावनाओं और उसकी कमजोरियों को बारीकी से देख रहे हैं। उनका मानना है कि अगर कांग्रेस सही समय पर अपनी रणनीति नहीं बदलेगी, तो उसे चुनावी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संजय राउत के इस बयान ने हरियाणा की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि शिवसेना (UBT) जैसे दल भी अब हरियाणा की चुनावी सियासत पर नजर बनाए हुए हैं। कांग्रेस के लिए यह समय आत्ममंथन और अपनी गलतियों से सीखने का है, ताकि आगामी चुनावों में वह एक मजबूत चुनौती पेश कर सके।