
रामलीला का आयोजन बड़े श्रद्धा भाव से किया जा रहा है,
सिरसा, 9 अक्टूबर ,
श्री रामा क्लब चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित 75वें रामलीला एवं दशहरा महोत्सव के तहत, आगामी 12 अक्टूबर को ऐतिहासिक और भव्य दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इस बार महोत्सव का प्लेटिनम जुबली समारोह और भी खास होगा, जिसमें रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के 70-70 फुट ऊंचे पुतलों का अग्निभेंट किया जाएगा।
महोत्सव का कार्यक्रम
क्लब के प्रधान अश्वनी बठला और महासचिव गुलशन वधवा ने बताया कि रामलीला का आयोजन बड़े श्रद्धा भाव से किया जा रहा है, और इसे देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक आ रहे हैं। रामलीला का फेसबुक और यू-ट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है।
दशहरा महोत्सव के अवसर पर 12 अक्टूबर को प्रात: 11 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा जनता भवन रोड स्थित दशहरा ग्राउंड से शुरू होकर अनाजमंडी, शिव चौक, सुरतगढ़िया बाजार, घंटाघर चौक, भगत सिंह चौक, रोड़ी बाजार, आर्य समाज रोड, परशुराम चौक, और बेगू रोड होते हुए कंगनपुर पहुंचेगी। यहां से शोभायात्रा वापस दशहरा ग्राउंड आएगी, जहां राम और रावण की सेना के बीच युद्ध होगा। इसके बाद, रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का अग्निभेंट किया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
पुतलों का निर्माण
रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों के निर्माण में लगे बठिंडा निवासी कारीगर गुलशन कुमार ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी पुतले बनाने और आतिशबाजी का काम करता आया है। वह पिछले 15 दिनों से इन पुतलों के निर्माण में व्यस्त हैं और इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर की शाम तक पुतलों को दशहरा ग्राउंड में स्थापित कर दिया जाएगा।
विशेष आतिशबाजी का आयोजन
गुलशन कुमार ने बताया कि पुतलों को इस विशेष अंदाज में तैयार किया गया है कि अग्निभेंट के समय उनमें धीरे-धीरे आग लगे, जिससे शानदार आतिशबाजी का अनुभव हो सके। पुतले तैयार होने के बाद इन्हें अलग-अलग हिस्सों में दशहरा ग्राउंड तक ले जाया जाएगा।
गुलशन ने बताया, “रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ के पुतले जलते देखकर मुझे खुशी होती है। हजारों लोग हमारे बनाए पुतलों को देखकर आनंदित होते हैं। यह त्योहार हमें बुराइयों को छोड़ने की शिक्षा देता है।”
समापन
रामा क्लब का दशहरा महोत्सव सिरसा की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस महोत्सव में दर्शकों के लिए मनोरंजन, शिक्षा, और धार्मिक भावनाओं का समावेश होता है, जो सभी आयु वर्ग के लोगों को जोड़ता है।